हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ अलीगढ़, 27 मार्च 2025: राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत क्वार्सी कृषि परिसर में एक दिवसीय किसान मेला एवं कृषि ज्ञान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मा० श्रीमती विजय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष ने की।
मुख्य अतिथि का संबोधन
मुख्य अतिथि श्रीमती विजय सिंह ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी दी और कृषकों एवं महिला कृषकों को जागरूक किया।
कृषि विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
विभिन्न कृषि विशेषज्ञों ने कार्यक्रम में किसानों को महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं:
- डॉ. के. डी. दीक्षित (क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र, कलाई) ने मृदा स्वास्थ्य एवं जीवाश्म कार्बन की मात्रा बढ़ाने के उपाय बताए।
- बलजीत सिंह (उप निदेशक, उद्यान, अलीगढ़ मण्डल) ने उद्यान फसलों पर विस्तृत जानकारी दी।
- डॉ. ए. के. सिंह ने पशु रोगों की रोकथाम और प्रबंधन पर चर्चा की।
- विश्वजीत जादौन ने जैव प्रौद्योगिकी से तैयार पौधों के लाभ बताए।
- सतीश चंद्र जादौन ने भूमि परीक्षण की प्रक्रिया समझाई।
- राधेश्याम शर्मा (प्रगतिशील कृषक) ने जैविक खेती के महत्व को उजागर किया।
किसानों का सम्मान एवं पुरस्कार वितरण
मेले में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 15 किसानों को स्वचलित स्प्रेयर मशीन देकर सम्मानित किया गया।
शोध कार्यों की जानकारी
प्रमोद कुमार (उप कृषि निदेशक, शोध, अलीगढ़ मण्डल) ने सम्भागीय कृषि परीक्षण एवं प्रदर्शन केंद्र में चल रहे शोध कार्यों की जानकारी दी और किसानों को जागरूक किया।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में कई गणमान्य अधिकारी एवं कृषि विशेषज्ञ उपस्थित रहे, जिनमें शामिल थे:
- डॉ. के. डी. दीक्षित (क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र, कलाई)
- डॉ. ए. के. सिंह (उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, अलीगढ़)
- बलजीत सिंह (उप निदेशक, उद्यान, अलीगढ़ मण्डल)
- संतोष कुमार प्रभाकर (उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी, कोल अलीगढ़)
- डा. विश्वजीत सिंह (सीईओ, एएचपीए, अलीगढ़)
- सतीश चंद्र जादौन (सेवानिवृत्त प्रभारी, भूमि परीक्षण प्रयोगशाला)
- रविन्द्र सिंह, डॉ. दिनेश कुमार, श्यामदेव, मुन्नीलाल, आशुतोष कुमार, ऋषभ राज, विनय कुमार एवं अन्य अधिकारीगण।
मेले में व्यापक कृषक सहभागिता
इस मंडलीय मेले में अलीगढ़, हाथरस, एटा एवं कासगंज जिलों से सैकड़ों किसानों ने भाग लिया और नई कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों, कृषि विशेषज्ञों एवं किसानों को धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम का सफल समापन किया गया।














