मुजफ्फरनगर।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
ऐतिहासिक गांव सोरम में आयोजित तीन दिवसीय सर्वजातीय सर्वखाप महापंचायत के अंतिम दिन समाज में फैली कुरीतियों और बदलते सामाजिक व्यवहारों पर गहन चर्चा हुई। बालियान खाप के चौधरी एवं भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत की मौजूदगी में सर्वखाप मंत्री सुभाष बालियान ने समिति द्वारा चुने गए 11 प्रमुख प्रस्तावों को सभा के समक्ष रखा, जिन्हें खाप चौधरियों ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी।
महापंचायत में सर्वप्रमुख मुद्दा लिव-इन रिलेशनशिप, समलैंगिकता और प्रेम विवाह का रहा। चौधरियों ने कहा कि भारतीय संस्कृति और पारिवारिक ढांचे को तोड़ने वाली इन प्रथाओं को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से इनसे जुड़े कानूनों में संशोधन या आवश्यक होने पर नए कानून बनाने की मांग करते हुए प्रतिबंध लगाने की बात कही। उन्होंने विवाह अधिनियम में संशोधन कर माता-पिता की सहमति अनिवार्य करने का भी प्रस्ताव पारित किया।
सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने के लिए भी महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। मृत्यु भोज को कुरीति बताते हुए इसे तुरंत बंद करने की अपील की गई। दहेज प्रथा को जड़ से मिटाने के लिए दिन में विवाह और सरल पारिवारिक आयोजन की सलाह दी गई। साथ ही अंगूठी की रस्म को छोटा करने की बात भी प्रस्तावों में शामिल रही। नशामुक्ति और भ्रूण हत्या पर रोक को लेकर खाप चौधरियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया।
शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण भी इस महापंचायत का प्रमुख एजेंडा रहा। खासकर बालिका शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए समाज में पढ़ाई के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया गया। जल, जंगल और जमीन बचाने तथा पानी के सदुपयोग के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई गई। गौवंश संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य योजनाएं तैयार करने पर भी सहमति बनी।
युवाओं और महिलाओं की खाप पंचायतों में भागीदारी बढ़ाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया, ताकि सामाजिक निर्णय अधिक व्यापक और जनहितकारी बन सकें। अंत में यह भी तय किया गया कि सर्वजातीय सर्वखाप महापंचायत अब हर 10 वर्ष में सोरम में आयोजित की जाएगी।













