हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ ✑16 मई : 2025
अलीगढ़, 16 मई 2025: उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं जिला न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री अनुपम कुमार के आदेशानुसार आज श्री उदयसिंह जैन कन्या इंटर कॉलेज, अलीगढ़ में एक विशेष विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर “महिला हाइजीन एवं सर्वाइकल कैंसर” जैसे संवेदनशील विषय पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अपर जिला जज श्री नितिन श्रीवास्तव ने की।
शिविर में श्री उदयसिंह जैन कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या श्रीमती प्रियंका जैन, सहायक अध्यापिका श्रीमती पल्लवी एवं प्रवक्ता श्रीमती अंजू भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में विद्यालय की लगभग 200 छात्राओं ने भाग लिया।
सचिव श्री नितिन श्रीवास्तव ने छात्राओं को शिक्षा का अधिकार, वृद्धजनों के अधिकार, एवं विधिक सहायता सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने सर्वाइकल कैंसर के विषय में गंभीरता से जानकारी देते हुए बताया कि यह पहला ऐसा कैंसर है जिसकी वैक्सीन उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यह कैंसर धीरे-धीरे विकसित होता है और इसे पूरी तरह फैलने में 20 वर्ष तक का समय लग सकता है।
श्री श्रीवास्तव ने छात्राओं को बताया कि:
- 13 वर्ष तक की बालिकाओं को दो डोज में वैक्सीन दी जाती है।
- 13 से 19 वर्ष की उम्र में यह वैक्सीन तीन डोज में दी जाती है।
- इसके अतिरिक्त स्क्रीनिंग के माध्यम से भी इसका समय रहते पता लगाया जा सकता है। एक बार स्क्रीनिंग हो जाने पर तीन वर्षों तक महिला सुरक्षित रहती है।
- महिलाओं की स्क्रीनिंग 60 वर्ष की उम्र तक की जाती है।
उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे इन जानकारियों को अपने परिवार, रिश्तेदारों और समाज की अन्य महिलाओं तक पहुंचाएं और उन्हें वैक्सीनेशन व स्क्रीनिंग के लिए प्रेरित करें। उन्होंने यह भी बताया कि ऑस्ट्रेलिया ऐसा पहला देश है जिसने खुद को सर्वाइकल कैंसर मुक्त घोषित किया है, जबकि भारत में इस रोग से पीड़ित महिलाओं की संख्या विश्व में सर्वाधिक है।
शिविर में जिला महिला चिकित्सालय की विशेषज्ञ डॉक्टर अंशू सक्सेना ने सर्वाइकल कैंसर के प्राथमिक लक्षण, फैलने के कारण, एवं इससे जुड़ी भ्रांतियों पर स्पष्ट जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों के सटीक व बेबाकी से उत्तर दिए और उनकी सभी जिज्ञासाओं को शांत किया। डॉ. सक्सेना ने छात्राओं से आग्रह किया कि वे इस विषय में जागरूकता फैलाने में भूमिका निभाएं और यह सुनिश्चित करें कि समाज की अधिकाधिक महिलाएं समय रहते इस रोग से बचाव कर सकें।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पराविधिक स्वयं सेविकाएं — श्रीमती आभा वार्ष्णेय, श्रीमती सईदा खातून एवं श्रीमती सोनम — भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने शिविर को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया।
शिविर का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में कानूनी एवं स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता को बढ़ावा देना था, जो कि पूर्णतः सफल रहा। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज की नींव मानी जाने वाली बालिकाओं और महिलाओं को सशक्त और जागरूक बनाना सम्भव है।















