हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
नई दिल्ली, 1 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने देशभर में 57 नए केंद्रीय विद्यालय (केवी) खोलने की मंजूरी दे दी है। इन विद्यालयों की स्थापना पर कुल 5,862.55 करोड़ रुपए खर्च होंगे, जिसमें 2,585.52 करोड़ रुपए पूंजीगत व्यय और 3,277 करोड़ रुपए परिचालन व्यय शामिल है। यह परियोजना 2026-27 से शुरू होकर नौ वर्षों तक चलेगी।
विशेष बात यह है कि पहली बार इन विद्यालयों को बाल वाटिका के साथ शुरू करने की मंजूरी दी गई है। प्रस्तावित 57 विद्यालयों में से 20 जिलों में अभी तक कोई केवी नहीं है, जहां बड़ी संख्या में केंद्रीय कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके अलावा, आकांक्षी जिलों में 14, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों में 4 तथा पूर्वोत्तर/पहाड़ी क्षेत्रों में 5 विद्यालय खोले जाएंगे।
सीसीईए ने गृह मंत्रालय द्वारा प्रायोजित 7 विद्यालय और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों द्वारा प्रायोजित 50 विद्यालयों को मंजूरी दी है। प्रत्येक पूर्ण विकसित केवी में लगभग 1,520 छात्र पढ़ सकते हैं, जिससे 86,640 छात्रों को लाभ मिलेगा। साथ ही, प्रत्येक विद्यालय में 81 पद सृजित होंगे, यानी 4,617 प्रत्यक्ष रोजगार अवसर पैदा होंगे।
निर्माण कार्यों से कई कुशल और अकुशल श्रमिकों को भी रोजगार मिलेगा। वर्तमान में देशभर में 1,288 केंद्रीय विद्यालय कार्यरत हैं, जिनमें से 3 विदेशों—मॉस्को, काठमांडू और तेहरान—में हैं। इन विद्यालयों में 30 जून 2025 तक 13.62 लाख छात्र नामांकित हैं।
केंद्रीय विद्यालय योजना की शुरुआत नवंबर 1962 में की गई थी ताकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों को समान स्तर की शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। नए विद्यालयों की यह मंजूरी उसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।













