हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: रविवार 29 जून 2025
अलीगढ़। जनपद अलीगढ़ को जल्द ही छठी तहसील के रूप में अकराबाद का तोहफा मिल सकता है। राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश के आयुक्त एवं सचिव ने इस संबंध में जिलाधिकारी से प्रस्ताव मांगा है। कोल तहसील पर कार्यभार अधिक होने और क्षेत्रीय असुविधाओं को देखते हुए शासन स्तर पर नई तहसील के गठन पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
विधायक रवेंद्र पाल सिंह ने छर्रा विधानसभा से इस विषय को विधानसभा में भी उठाया था, जिसके बाद यह प्रक्रिया तेज हुई है। राजस्व परिषद द्वारा जिलाधिकारी से प्रस्ताव के साथ-साथ अकराबाद क्षेत्र की भौगोलिक, सामाजिक और विकासीय जानकारी तलब की गई है।
कोल तहसील पर बढ़ता बोझ
वर्तमान में अलीगढ़ जिले में पांच तहसीलें — कोल, खैर, गभाना, इगलास और अतरौली — कार्यरत हैं। जिले में कुल 852 ग्राम पंचायतें, एक नगर निगम, दो नगर पालिकाएं और 15 नगर पंचायतें हैं। इनमें से अकेली कोल तहसील में 393 गांव, नगर निगम और सात नगर पंचायतें आती हैं। जिले की एक तिहाई से अधिक आबादी इसी तहसील क्षेत्र में निवास करती है, जिससे यहां कार्यभार अत्यधिक बढ़ गया है।
सीमावर्ती गांवों को नहीं मिल पाती सुविधाएं
कोल तहसील में ऐसे कई गांव शामिल हैं जो हाथरस जिले की सीमा से लगे हुए हैं। गोपी, विजयगढ़ जैसे गांव मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर हैं, जिससे ग्रामीणों को कामकाज के लिए लम्बी दूरी तय करनी पड़ती है। इसी असुविधा को ध्यान में रखते हुए अकराबाद को तहसील बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
जिलाधिकारी ने दी जानकारी
जिलाधिकारी संजीव रंजन ने बताया कि,
“राजस्व परिषद द्वारा अकराबाद क्षेत्र से संबंधित विभिन्न बिंदुओं—जनसंख्या, कृषि, विकास स्तर, राजमार्गों से दूरी आदि—पर आख्या मांगी गई है। सभी जरूरी सूचनाएं संकलित कर परिषद को शीघ्र उपलब्ध कराई जाएंगी।”
अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि शासन स्तर से अंतिम मुहर लगते ही अकराबाद को तहसील का दर्जा मिल जाएगा और इससे क्षेत्रीय जनता को प्रशासनिक कार्यों में सुविधा मिलेगी।















