संभल :उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक सनसनीखेज बीमा घोटाले का पर्दाफाश हुआ है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो 20-25 साल के उन युवकों को निशाना बनाता था, जिनके परिवार में कोई करीबी रिश्तेदार नहीं होता। इस गैंग का तरीका बेहद क्रूर और सुनियोजित था। पहले वे युवकों के नाम पर विभिन्न बीमा कंपनियों से करोड़ों रुपये की पॉलिसी करवाते, फिर उनकी हत्या कर इसे सड़क दुर्घटना का रूप देकर बीमा की राशि हड़प लेते।
पुलिस जांच में सामने आया कि इस गैंग ने सलीम और अमन नामक दो युवकों की हत्या की, जिनके नाम पर क्रमशः 88 लाख और 2.7 करोड़ रुपये की बीमा पॉलिसियां थीं। सलीम की हत्या 29 जुलाई 2022 को और अमन की 15 नवंबर 2023 को की गई। दोनों मामलों में हत्याओं को सड़क दुर्घटना दिखाया गया, जिसके चलते पुलिस ने शुरू में फाइलें बंद कर दी थीं। लेकिन जब बीमा कंपनियों को क्लेम के लिए संदिग्ध आवेदन मिले, तो जांच शुरू हुई और इस खतरनाक साजिश का खुलासा हुआ।संभल पुलिस ने सात आरोपियों—वेदप्रकाश, कमल सिंह, निर्देश कुमार, उदयभान सिंह, प्रेमशंकर, सुनील कुमार और ओमप्रकाश—को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि अमन के मामा वेदप्रकाश ने ही अपने भांजे की हत्या की साजिश रची थी।
गैंग ने हथौड़े से सिर पर वार कर हत्या की और फिर शव को गाड़ी से कुचलकर दुर्घटना का रूप दिया। सलीम के मामले में 78 लाख और अमन के मामले में 20 लाख रुपये का क्लेम पहले ही हड़प लिया गया था।पुलिस के अनुसार, यह गैंग उत्तर प्रदेश सहित 12 राज्यों में सक्रिय था और इसने 100 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी की है। गिरोह में बैंक कर्मचारी, ग्राम प्रधान, बीमा एजेंट और सरकारी कर्मचारी भी शामिल थे, जो फर्जी दस्तावेजों और मृत्यु प्रमाणपत्रों के जरिए इस घोटाले को अंजाम देते थे। संभल पुलिस ने इस मामले में 58 बीमा कंपनियों के साथ मिलकर एक ‘इंश्योरेंस कॉन्क्लेव’ आयोजित किया, जिसमें भविष्य में ऐसे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए नई SOP तैयार करने पर चर्चा हुई।पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई और एएसपी अनुकृति शर्मा के नेतृत्व में जांच जारी है, और गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। इस मामले ने बीमा और बैंकिंग सिस्टम में गंभीर खामियों को उजागर किया है, जिस पर सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।