हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:18 जुलाई 2025
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय बोले – पंचायत चुनाव अकेले लड़ेंगे, कार्यकर्ता मजबूत होंगे तो गठबंधन की जरूरत नहीं
अलीगढ़ :
उत्तर प्रदेश में लंबे समय से सत्ता से बाहर रही कांग्रेस अब पंचायत स्तर तक संगठन को मजबूती देकर खोई सियासी जमीन वापस पाने की कोशिश में जुट गई है। गुरुवार को अलीगढ़ के मैरिस रोड स्थित धर्मपुर कोर्टयार्ड में ब्रज प्रांत स्तरीय संगठन सृजन कार्यक्रम और जोनल समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय तथा प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने 13 जिलों के संगठन पदाधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश देते हुए कार्यकर्ताओं को तैयार करने और पंचायत चुनाव अपने दम पर लड़ने का लक्ष्य रखा।
मजबूत संगठन ही बनेगा जीत की नींव
अजय राय ने मीडिया से बातचीत में कहा कि 2026 के पंचायत चुनाव कांग्रेस अकेले लड़ेगी। अगर कार्यकर्ता मजबूत होंगे, तो 2027 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। उन्होंने गठबंधन को “मजबूरी” का विकल्प बताया। पहली बार मंडल स्तर पर संगठन बनाए जा रहे हैं। 40 वर्षों बाद प्रदेश प्रभारी और अध्यक्ष स्वयं ब्लॉक अध्यक्षों से संवाद कर रहे हैं।
माइक्रो लेवल पर संगठनात्मक पुनर्गठन
बैठक में प्रदेश नेतृत्व ने बूथ स्तर तक मजबूत नेटवर्क खड़ा करने की योजना रखी। शहरी क्षेत्रों में नगर निगम व पालिका के वार्डों को छोटे-छोटे सेक्टरों में बांटने और प्रत्येक सेक्टर में 21 सदस्यीय कमेटियों के गठन का निर्देश दिया गया। इसमें अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, महिला व अल्पसंख्यकों को 65% तक प्रतिनिधित्व देने का निर्णय लिया गया।
कार्यकर्ता ही होंगे विधानसभा के उम्मीदवार
अजय राय ने स्पष्ट कहा कि पंचायत चुनाव में जो कार्यकर्ता जीत दिलाएंगे, उन्हें ही विधानसभा चुनाव में टिकट दिया जाएगा। इससे जमीनी कार्यकर्ताओं को सीधा सशक्तिकरण मिलेगा और संगठन को नीचे से ऊपर तक मजबूती मिलेगी।
बैठक में भागीदारी व नाराजगी
बैठक में अलीगढ़, आगरा, मथुरा, एटा, हाथरस, कासगंज, फिरोजाबाद, मैनपुरी, शाहजहांपुर, बदायूं, फर्रुखाबाद, बरेली व पीलीभीत के प्रतिनिधि शामिल हुए। हालांकि, कई जिलों के ब्लॉक अध्यक्ष अनुपस्थित रहे। सूत्रों के अनुसार, कई जिलों में संगठन अभी ढंग से खड़ा ही नहीं हो पाया है।
पूर्व जिलाध्यक्ष गिरवर शर्मा और संतोष सिंह को मीटिंग में उचित सम्मान न मिलने पर नाराजगी जताते हुए हाल से बाहर चले जाना पड़ा। उन्होंने इस व्यवहार को अनुचित बताया।
भाजपा पर हमला
प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी दो प्रदेश अध्यक्ष खोजने में असमर्थ है। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ता ही सम्मेलन का खर्च उठा रहे हैं, जिससे उत्साह का पता चलता है। उन्होंने यूपी सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था की विफलता के आरोप लगाए।
संगठन समीक्षा व अगला एजेंडा
बैठक में जिलावार समीक्षा कर कमजोर कड़ियों को चिन्हित किया गया। अनुपस्थित पदाधिकारियों की रिपोर्ट राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम के माध्यम से प्रदेश अध्यक्ष को भेजी जाएगी। मेरठ, लखनऊ, झांसी, अयोध्या आदि स्थानों पर आगामी सम्मेलन प्रस्तावित हैं।