• Home
  • Delhi
  • ट्रंप पर भारी पड़े मैच्योर मोदी, टैरिफ विवाद में दिखी लीडरशिप
Image

ट्रंप पर भारी पड़े मैच्योर मोदी, टैरिफ विवाद में दिखी लीडरशिप

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:

अमेरिका और भारत के रिश्ते इन दिनों तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में भारत को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। फरवरी 2025 में जब उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई थी, तब उन्होंने बड़े-बड़े बयान दिए थे। यहां तक कि बांग्लादेश का भविष्य भी उन्होंने मोदी के हाथों सौंपने की बात कही थी। लेकिन इसके बाद उनके रवैये में बदलाव आ गया और टैरिफ के बहाने भारत पर दबाव बनाने लगे।

टैरिफ पर धमकी और भारत का जवाब

ट्रंप ने रूस से भारत द्वारा तेल खरीदने को लेकर टैरिफ 50% तक बढ़ा दिया और खुलेआम धमकियां देने लगे। साथ ही, बार-बार भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर का श्रेय खुद लेने का दावा करते रहे। लेकिन भारत ने ट्रंप की शर्तें मानने से साफ इनकार कर दिया। पीएम मोदी ने स्पष्ट कर दिया कि कोई भी फैसला केवल राष्ट्रहित को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा। इसी कारण भारत और अमेरिका के रिश्ते खिंचाव भरे हो गए।

अमेरिकी नेताओं की चिंता

ट्रंप की बयानबाजी और फैसलों से अमेरिका के भीतर भी असहमति दिखी। अमेरिकी सीनेटर मार्क रुबियो ने सर्जियो गोर को भारत का राजदूत नियुक्त किए जाने पर कहा कि भारत, अमेरिका के सबसे अहम रिश्तों में से एक है। वहीं पूर्व राजदूत निक्की हेली ने चेतावनी दी कि भारत-अमेरिका संबंध नाजुक मोड़ पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि रूस से तेल और टैरिफ विवाद पर स्थायी दरार नहीं आने देनी चाहिए। उनका मानना था कि यदि स्थिति संभाली नहीं गई तो चीन इसका फायदा उठा सकता है।

मोदी का संयम और रणनीति

जहां ट्रंप अपने बयानों से विवाद खड़ा कर रहे हैं, वहीं मोदी ने संयम और परिपक्वता का परिचय दिया। उन्होंने देशवासियों को आश्वस्त किया कि उनकी सरकार किसी के सामने नहीं झुकेगी। पीएम मोदी के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी अमेरिका को दो टूक जवाब दिए। जयशंकर ने स्पष्ट कहा कि अगर अमेरिका को पसंद नहीं है तो भारत से सामान न खरीदे।

चीन-रूस की ओर झुका भारत

अमेरिका से रिश्तों में आई दूरी का असर भारत की विदेश नीति में भी दिखा। भारत ने रूस और चीन के साथ संबंध और मजबूत करने शुरू कर दिए। खुद पीएम मोदी चीन की यात्रा की तैयारी में हैं जबकि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आने वाले हैं। यह संदेश अमेरिका को साफ तौर पर दिया गया कि भारत किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहने वाला।

Releated Posts

₹52 लाख की कॉपर चोरी का खुलासा: ट्रक चालक समेत 6 गिरफ्तार, लूट की झूठी कहानी निकली साजिश

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ : सीसीटीवी और तकनीकी जांच से खुला संगठित गिरोह का राज, 26 कॉपर सिल्लियां बरामद…

ByByHindustan Mirror News Jul 25, 2026

CJP का 74 दिन का संघर्ष, झुकी सरकार: पेपर लीक से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक की पूरी कहानी

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ : देशभर में छात्रों के भविष्य से जुड़े नीट-यूजी 2026 पेपर लीक विवाद ने आखिरकार…

ByByHindustan Mirror News Jul 25, 2026

सरकार से सहमति के बाद CJP ने वापस लिया आंदोलन, मुख्य प्रवक्ता ने किया ऐलान

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के साथ हुई वार्ता के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपना आंदोलन वापस…

ByByHindustan Mirror News Jul 25, 2026

नीट विवाद के बाद एजेंसी की कार्यप्रणाली और स्टाफिंग पैटर्न पर उठे सवाल, 47 अधिकारियों पर कार्रवाई

NTA में 89% स्टाफ कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स पर, स्थायी कर्मी सिर्फ 11% नई दिल्ली। नीट-यूजी 2026 पेपर लीक…

ByByHindustan Mirror News Jul 25, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top