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भारत के मशहूर मसालों में छिपा ज़हर और कैंसर का खतरा

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:

भारत को “मसालों की धरती” कहा जाता है। भारतीय मसाले न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी अपने स्वाद और सुगंध के लिए प्रसिद्ध हैं। मगर हाल ही में आई कुछ रिपोर्टों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। विदेशों में भारत की दो बड़ी कंपनियों के चार मसाले बैन किए गए थे क्योंकि इनमें कैंसर पैदा करने वाले हानिकारक केमिकल्स पाए गए। अब यही खतरा भारत के अंदर भी दिखाई दे रहा है। राजस्थान सरकार द्वारा किए गए सैंपल टेस्ट में 5 बड़ी भारतीय कंपनियों के मसाले खाने लायक नहीं पाए गए हैं।

एफएसएसएआई और राजस्थान सरकार की जांच

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) लंबे समय से चेतावनी देती रही है कि खुले मसालों में मिलावट हो सकती है और इन्हें खाने से बचना चाहिए। लेकिन अब समस्या केवल खुले मसालों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि नामी ब्रांड भी सवालों के घेरे में आ गए हैं। 8 मई को राजस्थान सरकार ने 93 सैंपल इकट्ठा किए, जिनमें पांच बड़ी कंपनियों—एमडीएच, एवरेस्ट, गजानंद, श्याम और शीबा ताजा—के मसाले खाने के लिए असुरक्षित पाए गए।

किन मसालों में मिले खतरनाक केमिकल

रिपोर्ट के अनुसार, MDH के गरम मसाले में Acetamiprid, Thiamethoxam और Imidacloprid जैसे कीटनाशक पाए गए। वहीं, सब्जी मसाला और चना मसाला में Tricyclazole और Profenofos की मात्रा अधिक मिली।

  • एवरेस्ट के जीरा मसाले,
  • श्याम के गरम मसाले,
  • गजानंद के अचार मसाले,
  • शीबा ताजा के रायता मसाले में भी Acetamiprid, Thiamethoxam, Ethion और Azoxystrobin पाए गए।

ये सभी केमिकल कृषि में कीटनाशक और फफूंदनाशक के रूप में इस्तेमाल होते हैं। लेकिन जब इनकी मात्रा भोजन में मिलती है, तो यह शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।

Thiamethoxam और अन्य केमिकल्स के दुष्प्रभाव

Thiamethoxam एक कीटनाशक है जो फसलों की सुरक्षा में उपयोग होता है। लेकिन अगर यह शरीर में लंबे समय तक पहुंचे, तो यह दिमाग, लीवर और महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।

  • Acetamiprid और Imidacloprid जैसे केमिकल्स नसों पर असर डालते हैं।
  • Profenofos और Ethion लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • स्टडीज बताती हैं कि Thiamethoxam का अधिक उपयोग चूहों में लिवर कैंसर की संभावना बढ़ाता है।

इससे साफ है कि इन मसालों का लगातार सेवन इंसानों में भी कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा पैदा कर सकता है।

उपभोक्ताओं की चिंता और सरकार की कार्रवाई

भारत में मसाले घर-घर की रसोई का अहम हिस्सा हैं। ऐसे में जब नामी ब्रांडों के मसालों में ही खतरनाक केमिकल पाए जाएं, तो उपभोक्ताओं का भरोसा टूटना स्वाभाविक है। सरकार ने इन पर कार्रवाई शुरू कर दी है और इंडियन फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट के तहत इनके खिलाफ कदम उठाए जा रहे हैं।

यह मामला हमें आगाह करता है कि अब केवल खुले मसालों से ही नहीं, बल्कि नामी ब्रांडों से भी सावधान रहने की जरूरत है। मसाले भारतीय भोजन का अभिन्न हिस्सा हैं, लेकिन इनमें मिल रहे कीटनाशक और जहरीले रसायन लोगों की सेहत के लिए घातक साबित हो सकते हैं। जरूरी है कि उपभोक्ता सतर्क रहें और सरकार ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रखे।

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