हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
पटना, 5 अक्टूबर 2025: आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले चुनाव आयोग ने कई बड़े बदलावों की घोषणा की है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को पटना में नई व्यवस्थाओं की जानकारी दी, जिनका उद्देश्य मतदाताओं की सुविधा और पारदर्शिता को बढ़ाना है।
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब मतदाता अपना मोबाइल फोन बूथ के बाहर एक सुरक्षित कमरे में जमा कर सकेंगे, जिससे उन्हें फोन घर पर छोड़ने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके अलावा, हर मतदान केंद्र पर अधिकतम 1,200 मतदाता ही होंगे ताकि भीड़ कम रहे और मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
चुनाव में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए हर मतदान केंद्र पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की जाएगी। साथ ही, बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) को पहचान पत्र जारी किए गए हैं ताकि उनकी पहचान स्पष्ट रूप से हो सके।
मतपत्रों (EVM) में भी सुधार किए गए हैं — अब उम्मीदवारों की तस्वीरें रंगीन होंगी और सीरियल नंबर का फ़ॉन्ट बड़ा किया जाएगा, जिससे मतदाताओं को पहचान में आसानी हो।
मतगणना प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। अब EVM मतगणना के अंतिम दो राउंड से पहले डाक मतपत्रों की गिनती अनिवार्य होगी। यदि फॉर्म 17C और EVM में कोई विसंगति पाई जाती है, तो केवल प्रभावित VVPAT की ही पर्चियों की गिनती की जाएगी।
इसके अलावा, डिजिटल इंडेक्स कार्ड की नई व्यवस्था के तहत चुनाव के बाद मतदाताओं की संख्या और लिंग अनुपात से जुड़ी जानकारी ECI-NET पोर्टल पर जारी की जाएगी। इन सभी सुधारों के माध्यम से आयोग का लक्ष्य है कि बिहार चुनाव 2025 को देशभर के लिए एक आदर्श और पारदर्शी प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत किया जाए।













