हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
भारतीय खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) अब भारत में घुसपैठ के लिए बांग्लादेश के रास्ते का इस्तेमाल करने की साजिश रच रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, ढाका और इस्लामाबाद के बीच बढ़ते सैन्य संबंध इस योजना को बल दे रहे हैं। LeT सरगना हाफिज सईद भारत के खिलाफ एक नया मोर्चा खोलने की कोशिश में है, जिसमें बांग्लादेश को लॉन्चपैड बनाया जा सकता है।
हाल में पाकिस्तानी नेवी प्रमुख एडमिरल नवीद अशरफ के ढाका दौरे और चटगांव बंदरगाह पर पाकिस्तानी युद्धपोत के आगमन ने दिल्ली में चिंता बढ़ा दी है। यह 1971 के बाद पहली बार हुआ जब कोई पाक युद्धपोत बांग्लादेशी जलक्षेत्र में पहुंचा। इस बीच, LeT कमांडर सफुल्ला सफ का वीडियो सामने आया है जिसमें उसने दावा किया कि “हाफिज सईद बांग्लादेश के रास्ते भारत पर हमला करेगा।”
इसके साथ ही, सईद का करीबी सहयोगी अल्लामा इब्तिसाम इलाही जहीर ने अक्टूबर में गुप्त रूप से बांग्लादेश का दौरा किया और राजशाही व चापैनवाबगंज में कट्टरपंथी समूहों से मुलाकात की। रिपोर्टों के अनुसार, उसने स्थानीय युवाओं को “जिहाद के लिए लामबंद” करने का संदेश दिया। उसी समय पाकिस्तान के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ जनरल साहिर शमशाद मिर्जा भी एक सैन्य प्रतिनिधिमंडल के साथ ढाका में थे।
भारत के लिए यह विकास चिंताजनक है क्योंकि इससे पूर्वी सीमा पर नए आतंकी खतरे उभर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि LeT और जमात-उत-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) जैसे संगठन वैचारिक और सामरिक स्तर पर सहयोग बढ़ा सकते हैं। ढाका और इस्लामाबाद की नजदीकियां न केवल सुरक्षा चुनौती हैं बल्कि यह सवाल भी उठाती हैं कि क्या बांग्लादेश अपने मुक्ति संग्राम के इतिहास को भूल रहा है।













