लखनऊ, हिन्दुस्तान मिरर न्यूज।
अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर पूरी रामनगरी भक्ति के रंग में रंगी नजर आई। मंदिरों में घंटा-घड़ियाल, शंख और मंजीरों की गूंज के बीच ‘सीता राम’ और ‘जय श्रीराम’ के भजनों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने इस पर्व को ऐतिहासिक बना दिया।

हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना
वर्षगांठ के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हनुमानगढ़ी पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना और आरती की। इसके बाद दोनों नेताओं ने राम मंदिर में रामलला के दर्शन किए। आरती के पश्चात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रभु श्रीराम को दंडवत प्रणाम कर देश और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। दर्शन के दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहे।
धर्म ध्वजा से सजी रामनगरी
इस अवसर पर अयोध्या के परकोटा क्षेत्र के मंदिरों में पहली बार धर्म ध्वजा फहराई गई। मंदिरों पर लहराती ध्वजाओं ने पूरे नगर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। श्रद्धालुओं का कहना था कि माहौल बिल्कुल प्राण-प्रतिष्ठा के दिन जैसा प्रतीत हो रहा था। माता अन्नपूर्णा मंदिर समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष अनुष्ठान किए गए।
मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री का संदेश
अंगद टीला पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या सदा से शांति, मर्यादा और संस्कृति की प्रतीक रही है। पूर्ववर्ती सरकारों के दौर में इसे हिंसा और अस्थिरता की ओर धकेलने का प्रयास हुआ, लेकिन अब अयोध्या विश्व पटल पर आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित हो रही है।
वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत हर परिस्थिति में मर्यादा, संयम और धर्म के मार्ग पर चलता है, यही भगवान श्रीराम की सबसे बड़ी सीख है। उन्होंने कहा कि राम का आदर्श आज भी देश को दिशा देता है।
श्रद्धालुओं में उत्साह
दूसरी वर्षगांठ पर देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने दीपदान, भजन-कीर्तन और सेवा कार्यों में भाग लिया। रामनगरी में आस्था, संस्कृति और एकता का अनुपम संगम देखने को मिला।
















