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यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: पारिवारिक संपत्ति हस्तांतरण आसान, वाराणसी को मिलेगा मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल

लखनऊ।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में मंगलवार को 14 में से 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में पारिवारिक संपत्ति के हस्तांतरण को आसान बनाना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 500 बेड के मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की स्थापना और सेमीकंडक्टर नीति के तहत बड़े निवेशकों को विशेष प्रोत्साहन देना शामिल है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी।

पारिवारिक संपत्ति हस्तांतरण में बड़ी राहत

कैबिनेट ने परिवार के सदस्यों के बीच अचल संपत्ति के दान विलेख पर लगने वाले स्टाम्प शुल्क में छूट के दायरे को और व्यापक करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब तक यह छूट केवल कृष्य और आवासीय संपत्तियों तक सीमित थी, लेकिन अब इसे व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों के दान पर भी लागू किया जाएगा।
वर्तमान में दान विलेख पर संपत्ति के मूल्य के अनुसार स्टाम्प शुल्क देय होता था, लेकिन अगस्त 2023 की अधिसूचना के तहत परिवार के सदस्यों के पक्ष में दान की स्थिति में अधिकतम 5,000 रुपये ही स्टाम्प शुल्क लिया जा रहा था। इस फैसले से पारिवारिक संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और कम खर्चीली होगी।

वाराणसी को मिलेगा 500 बेड का मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल

कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में शिव प्रसाद गुप्ता एसएसपीजी मंडलीय जिला चिकित्सालय परिसर में 500 शैय्या वाले मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निर्माण को मंजूरी दी है।
यह अस्पताल 315 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से बनेगा और चार वर्षों में इसका निर्माण पूरा किया जाएगा। परियोजना की 60 प्रतिशत लागत केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत लागत राज्य सरकार वहन करेगी। इससे पूर्वांचल के मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।

सेमीकंडक्टर निवेश को मिलेगा मेगा प्रोत्साहन

राज्य सरकार ने जनवरी 2024 में लाई गई सेमीकंडक्टर नीति के तहत 3,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक का निवेश करने वाले निवेशकों को विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है।
इस नीति के तहत सेमीकंडक्टर इकाइयों को ब्याज सब्सिडी, कर्मचारी लागत प्रतिपूर्ति, 10 वर्षों तक नेट एसजीएसटी में छूट, यूपी के मूल निवासियों के लिए 100 प्रतिशत ईपीएफ प्रतिपूर्ति, जल मूल्य में छूट और बिजली बिल में प्रति यूनिट 2 रुपये की राहत दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को सेमीकंडक्टर उद्योग का प्रमुख केंद्र बनाना और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करना है।

विकास और निवेश को नई गति

इन फैसलों से जहां एक ओर आम लोगों को संपत्ति से जुड़े मामलों में राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य सुविधाओं और औद्योगिक निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। योगी सरकार के इन निर्णयों को प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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