लखनऊ।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टेक्नोलॉजी आधारित गवर्नेंस और इंटर-एजेंसी समन्वय के लिए बने PRAGATI पोर्टल की जमकर सराहना की है। मंगलवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब विकास में अड़चन बनने वाला नहीं, बल्कि फैसिलिटेटर और एक्सेलरेटर की भूमिका निभा रहा है। PRAGATI पोर्टल के जरिए राज्य में 10.48 लाख करोड़ रुपये की 330 बड़ी परियोजनाओं की निगरानी की जा रही है, जिससे काम की रफ्तार तेज हुई है।

बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू की ओर यूपी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश को विकास में बाधा के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब यह ‘ब्रेकथ्रू राज्य’ बन चुका है। PRAGATI जैसे प्लेटफॉर्म ने परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति लाई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह प्लेटफॉर्म पीएम के विजन का परिणाम है, जिसने ‘टीम इंडिया’ की भावना को मजबूत किया है।
देश का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो
सीएम योगी ने बताया कि यूपी के पास इस समय देश का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो है। 330 परियोजनाओं में से 2.37 लाख करोड़ रुपये की 128 परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं, जबकि 8.11 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं तय लक्ष्यों के अनुरूप आगे बढ़ रही हैं। इनमें बिजली, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, सड़क, रेलवे और औद्योगिक विकास से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। लगातार निवेश से यूपी तेजी से ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभर रहा है।
PRAGATI बना प्रभावी प्रशासनिक टूल
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 4.19 लाख करोड़ रुपये की 65 प्रमुख परियोजनाएं भी चल रही हैं, जिनमें से 26 शुरू हो चुकी हैं और 39 अलग-अलग चरणों में हैं। PRAGATI पोर्टल ने इंटर-एजेंसी समस्याओं को काफी हद तक कम किया है। अब तक 515 विषयों में से 494 का समाधान किया जा चुका है और 287 में से 278 परियोजनाओं के लक्ष्य पूरे हुए हैं।
सीएम योगी ने कहा कि PRAGATI पोर्टल बेहतर प्रशासन, तेज निर्णय प्रक्रिया और टेक्नोलॉजी के प्रभावी इस्तेमाल का उदाहरण है, जिसने उत्तर प्रदेश को विकास की नई दिशा दी है।
















