हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
नकली परीक्षा और एडमिट कार्ड से 1600 अभ्यर्थियों को बुलाया गया
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ सैन्य क्षेत्र में चल रही आर्मी फॉलोअर्स भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। रविवार को मेरठ कैंट में करीब 1600 अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के लिए बुलाया गया था। परीक्षा के दौरान कुछ युवकों के एडमिट कार्ड और उन पर लगी मुहर संदिग्ध पाई गई। इसकी सूचना मिलते ही आर्मी इंटेलिजेंस और सेना पुलिस ने स्थानीय पुलिस को अलर्ट किया, जिसके बाद सदर बाजार थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।

नकली आर्मी सेटअप लगाकर युवाओं को बनाया शिकार
जांच में सामने आया कि एक संगठित गिरोह सेना भर्ती के नाम पर युवाओं से ठगी कर रहा था। गिरोह का सरगना ठाकुर और उसके साथी जिस जिले में सेना भर्ती होती थी, उसी जिले या आसपास किराए का मकान लेकर वहां नकली आर्मी कार्यालय जैसा सेटअप तैयार करते थे। इन स्थानों पर अभ्यर्थियों की नापतोल, मेडिकल जांच, दस्तावेज सत्यापन और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जैसी पूरी प्रक्रिया दिखाई जाती थी, जिससे युवाओं को यह सब असली भर्ती प्रक्रिया लगती थी।
आर्मी जैकेट बनी ठगी का हथियार
इस फर्जीवाड़े में रोहित की भूमिका सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार रोहित रुड़की में सेना के सेवा क्षेत्र में लेबर का काम करता था। सर्दी के मौसम में एक अधिकारी ने उसे आर्मी के रंग की जैकेट दी थी। रोहित उसी जैकेट को पहनकर नकली सेटअप में बैठता था और खुद को सेना का लेफ्टिनेंट बताता था। आर्मी जैसी जैकेट देखकर अभ्यर्थियों को उस पर भरोसा हो जाता था और गिरोह इसी भरोसे का फायदा उठाकर उनसे मोटी रकम वसूलता था।
13 लाख की ठगी, 4 गिरफ्तार, 6 फरार
पुलिस जांच में अब तक सामने आया है कि गिरोह ने करीब 13 लाख रुपये की ठगी की है। सदर बाजार थाना पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 6 आरोपी अभी फरार हैं। कुछ युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पीड़ित अभ्यर्थियों की तहरीर पर तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।
















