चंद्र ग्रहण 2026:
ज्योतिष और खगोलीय दृष्टि से साल 2026 बेहद खास रहने वाला है। इस साल का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा के दिन पड़ रहा है, जिसे पूर्ण चंद्र ग्रहण माना जा रहा है। इसे ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है। खास बात यह है कि यह ग्रहण होलिका दहन के दिन लगेगा, जिससे इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व और भी बढ़ जाता है।
कब लगेगा चंद्र ग्रहण?
साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026, मंगलवार को लगेगा। यह फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि होगी, जिस दिन देशभर में होलिका दहन किया जाता है।
ग्रहण का आरंभ दोपहर 03:20 बजे होगा,
मध्य शाम 05:04 बजे,
और समापन शाम 06:47 बजे होगा।
यह ग्रहण पूर्ण चंद्र ग्रहण की श्रेणी में आएगा और इसी कारण इसे साल का सबसे बड़ा चंद्र ग्रहण कहा जा रहा है।
क्या भारत में दिखाई देगा यह ग्रहण?
हां, यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा, लेकिन हर जगह इसका स्वरूप एक जैसा नहीं होगा।
असम, मेघालय, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में यह पूर्ण चंद्र ग्रहण के रूप में दिखेगा। इन राज्यों में लोग चंद्रमा को लाल रंग में बदलते हुए देख सकेंगे, जिसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।
वहीं दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता समेत देश के अन्य हिस्सों में यह आंशिक चंद्र ग्रहण के रूप में दिखाई देगा। इन क्षेत्रों में चंद्रमा के उदय से पहले ही ग्रहण शुरू हो चुका होगा।
सूतक काल और इसका महत्व
चूंकि यह ग्रहण भारत में दृश्य होगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य रहेगा। शास्त्रों के अनुसार, चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले लग जाता है।
- सूतक आरंभ: 3 मार्च 2026, सुबह 06:20 बजे
- सूतक समाप्त: शाम 06:47 बजे
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल में पूजा-पाठ, मांगलिक कार्य और भोजन से परहेज किया जाता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान और दान का विशेष महत्व माना गया है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य खगोलीय तथ्यों पर आधारित है।













