हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
बारामती में क्रैश हुआ चार्टर्ड प्लेन, डिप्टी सीएम समेत पांच की मौत
विजिबिलिटी, लैंडिंग और ATC संवाद पर उठे सवाल
विपक्ष ने सिटिंग जज की निगरानी में जांच की मांग की
महाराष्ट्र के डिप्टी मुख्यमंत्री अजित पवार का बारामती में हुए विमान हादसे में निधन हो गया। इस दर्दनाक हादसे में पायलट, को-पायलट और दो अन्य लोग, जिनमें एक सुरक्षाकर्मी भी शामिल था, की भी मौत हो गई। बुधवार सुबह करीब 8 बजकर 44 मिनट पर यह हादसा हुआ, जब अजित पवार मुंबई से चुनाव प्रचार के लिए बारामती पहुंच रहे थे। रनवे पर उतरते ही विमान आग का गोला बन गया और पूरी तरह जलकर राख हो गया। यह भयावह दृश्य पास में लगे एक CCTV कैमरे में कैद हुआ।
देश में शोक, परिवार सदमे में
इस हादसे से पूरा देश स्तब्ध है। अजित पवार के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी बहन और सांसद सुप्रिया सुले ने इसे “पूरी तरह तबाही” करार दिया। आम जनता उनके अंतिम दर्शन विद्या प्रतिष्ठान, बारामती में कर सकेगी। गुरुवार सुबह उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव काठियावाड़ी में किया जाएगा। अहमदनगर जिले में जन्मे अजित पवार के लिए बारामती हमेशा राजनीतिक गढ़ रहा। उन्होंने 1991 में पहली बार सांसद के रूप में राजनीति में कदम रखा और 2024 में आखिरी बार इसी क्षेत्र से विधायक चुने गए।
हादसे के अंतिम 26 मिनट
केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, बारामती एक अनियंत्रित हवाई क्षेत्र है। सुबह 8:18 बजे पायलट का पहला संपर्क ATC से हुआ। विमान जब 30 नॉटिकल मील दूर था, तब फिर संपर्क किया गया। पायलट को दृश्य मौसम परिस्थितियों को देखकर लैंडिंग की सलाह दी गई। हवाएं शांत थीं, लेकिन विजिबिलिटी लगभग 3000 मीटर बताई गई।
विमान ने रनवे-11 के करीब आने की सूचना दी, लेकिन पायलट ने कहा कि रनवे दिखाई नहीं दे रहा है और उसने चक्कर लगाया। दोबारा प्रयास में कुछ सेकंड बाद रनवे दिखने की जानकारी दी गई और 8:43 बजे लैंडिंग की अनुमति दी गई। हालांकि, ATC को पायलट की ओर से स्पष्ट पुष्टि नहीं मिली। ठीक एक मिनट बाद ATC ने रनवे के पास आग की लपटें देखीं।
विजिबिलिटी और तकनीकी सवाल
VSR एविएशन के मालिक ने दावा किया कि विमान पूरी तरह फिट था और पायलट अत्यंत अनुभवी था, जिसके पास 15 हजार घंटे का उड़ान अनुभव था। लेकिन चश्मदीदों के मुताबिक, उस समय कोहरा काफी घना था और रनवे साफ नजर नहीं आ रहा था। पहली कोशिश नाकाम होने के बाद दूसरी लैंडिंग में विमान रनवे से फिसल गया और क्रैश हो गया।
विपक्ष ने उठाई साजिश की आशंका
हादसे के बाद राजनीति भी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अजित पवार महायुति गठबंधन से खुश नहीं थे और जल्द बड़ा राजनीतिक फैसला लेने वाले थे। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों पर भरोसा न जताते हुए सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में जांच की मांग की। अखिलेश यादव और मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई विपक्षी नेताओं ने इस मांग का समर्थन किया। वहीं शिवसेना (यूबीटी) सांसद अनिल देसाई ने दुख के समय राजनीतिक बयानबाजी से बचने की सलाह दी है।
फिलहाल केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय ने विस्तृत जांच का भरोसा दिया है। सवाल यही है कि यह हादसा महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश? सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।













