लखनऊ।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से शोक प्रस्ताव पारित करते हुए इस दुखद घटना पर संवेदना प्रकट की गई। मंत्रिपरिषद ने इसे सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
बारामती विमान दुर्घटना पर गहरा दुःख
मंत्रिपरिषद ने 28 जनवरी को महाराष्ट्र के बारामती में हुई विमान दुर्घटना को अत्यंत हृदयविदारक बताया। इस दुर्घटना में अजित पवार सहित अन्य लोगों के निधन पर कैबिनेट ने गहरा शोक व्यक्त किया। सरकार की ओर से शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की गई और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
अजित पवार के योगदान को किया याद
शोक प्रस्ताव में कहा गया कि अजित पवार का असामयिक निधन देश के राजनीतिक और सामाजिक जीवन के लिए बड़ी क्षति है। अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने महाराष्ट्र की जनता से गहरा जुड़ाव बनाए रखा। प्रशासनिक अनुभव, विकासोन्मुख सोच और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता के कारण वे व्यापक रूप से सम्मानित रहे।
गरीबों और वंचितों के लिए समर्पित रहा जीवन
मंत्रिपरिषद ने अपने संदेश में कहा कि अजित पवार ने समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य किया। विशेष रूप से गरीबों, किसानों और वंचित तबकों के सशक्तिकरण के लिए उनके प्रयास उल्लेखनीय रहे। महाराष्ट्र के विकास में उनका योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा।
लखनऊ में अहम मुलाकात, जापान ने की योगी सरकार की ग्रीन एनर्जी नीति की तारीफ

उत्तर प्रदेश अब केवल देश की आंतरिक विकास गाथा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैश्विक साझेदारियों का भी मजबूत केंद्र बनकर उभर रहा है। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जापान के यामानाशी प्रान्त के उप-राज्यपाल जुनिची इशिडोरा के नेतृत्व में आए आठ सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ में शिष्टाचार भेंट की।
भारत-जापान संबंध साझा मूल्यों पर आधारित
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत और जापान के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, अनुशासन, नवाचार और सतत विकास जैसे साझा मूल्यों पर आधारित हैं। जापानी प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश सरकार की ग्रीन एनर्जी नीति, निवेश अनुकूल माहौल और सतत विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की खुलकर सराहना की।
















