हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
- जल संकट पर सरेआम टकराव
- मंत्री का चुनौती भरा जवाब
- समर्थकों में नारेबाजी और भिड़ंत
- डीएम कार्यालय में बैठक, 20 दिन का अल्टीमेटम
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में पानी की समस्या को लेकर बड़ा सियासी विवाद सामने आया है। लंबे समय से जल संकट और जर्जर सड़कों से परेशान ग्रामीणों की आवाज अब सत्ता के भीतर टकराव बनकर उभरी है। भारतीय जनता पार्टी के विधायक बृजभूषण राजपूत और प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के बीच तीखी बहस ने जिले की राजनीति में गर्माहट बढ़ा दी है।

जल संकट पर सरेआम टकराव
घटना उस समय हुई जब जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित एक निजी कॉलेज के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान विधायक बृजभूषण राजपूत अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे और मंत्री का काफिला रोककर क्षेत्र की समस्याओं को उठाया। विधायक ने आरोप लगाया कि जिले के कई गांवों में पीने का पानी नहीं पहुंच रहा है और सड़कें बदहाल हैं। उन्होंने सरेआम कहा कि सरकार की जल योजना विफल साबित हो रही है।

मंत्री का चुनौती भरा जवाब
विधायक के आरोपों पर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने पलटकर सवाल किया कि किन गांवों में पानी नहीं पहुंच रहा है, नाम बताइए। उन्होंने यहां तक कहा कि वह कार्यक्रम छोड़कर तुरंत मौके पर जाकर हालात देखने को तैयार हैं। इस पर विधायक ने कहा कि किसी एक नहीं, बल्कि लगभग सभी गांवों में पानी की गंभीर समस्या है और मंत्री किसी भी गांव में जाकर हकीकत देख सकते हैं।
समर्थकों में नारेबाजी और भिड़ंत
बहस बढ़ते-बढ़ते तीखे टकराव में बदल गई। दोनों नेताओं के समर्थक भी आमने-सामने आ गए और जमकर नारेबाजी हुई। हालात बिगड़ते देख प्रशासन हरकत में आया। इसके बाद मंत्री स्वतंत्र देव सिंह विधायक को साथ लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां इस पूरे मामले पर बैठक हुई।
डीएम कार्यालय में बैठक, 20 दिन का अल्टीमेटम
बैठक के बाद विधायक बृजभूषण राजपूत ने कहा कि वह लंबे समय से प्रधानमंत्री की योजना को धरातल पर उतारने के लिए पत्र लिखते आ रहे हैं। मंत्री ने समस्याओं के समाधान के लिए 20 दिन का समय मांगा है। विधायक ने साफ कहा कि उनके लिए कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता के काम ज्यादा जरूरी हैं। अगर काम हुआ तो ठीक, नहीं हुआ तो वे चुप नहीं बैठेंगे।
















