नई दिल्ली।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
देश में धूम्रपान करने वालों के लिए 1 फरवरी 2026 से झटका लगना तय है। यूनियन बजट 2026 में सरकार ने सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Additional Excise Duty) और स्वास्थ्य उपकर (Health Cess) लगाकर कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी कर दी है। इसके बाद देशभर में सिगरेट के दाम तेजी से बढ़ गए हैं। आम तौर पर ₹10 वाली सिगरेट भी अब पहले से कहीं महंगी हो चुकी है, जबकि प्रीमियम ब्रांड्स की कीमतों में 50 रुपये तक का उछाल देखने को मिल रहा है।
धूम्रपान और प्रदूषण: दोहरी मार
भारत में सिगरेट और तंबाकू का उत्पादन ग्रीनहाउस गैसों (CO2) के कुल उत्सर्जन में लगभग 0.2% का योगदान देता है, लेकिन इसका असर वायु गुणवत्ता और स्वास्थ्य पर कहीं ज्यादा गंभीर है। दिल्ली-एनसीआर जैसे इलाकों में लोग बिना सिगरेट पिए भी रोजाना 10 से 50 सिगरेट के बराबर जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। ऐसे में सरकार का यह कदम सिर्फ टैक्स बढ़ाने तक सीमित नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा से भी जुड़ा है।
बजट 2026 में क्या बदला?
सरकार ने 1 फरवरी 2026 से सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर नई एक्साइज ड्यूटी व्यवस्था लागू कर दी है। यह पुरानी 28% जीएसटी और कंपेंसेशन सेस की जगह ले रही है।
मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं—
- अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और स्वास्थ्य उपकर लागू।
- सिगरेट की अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) पर नई कर दरें।
- गुटखा, खैनी और जर्दा जैसे तंबाकू उत्पादों पर MRP आधारित मूल्यांकन।
- उद्देश्य: धूम्रपान को हतोत्साहित करना और स्वास्थ्य बजट को मजबूत करना।
सिगरेट के नए दाम: ब्रांड-वार अनुमानित रेट चार्ट
(कंपनियों ने अभी आधिकारिक MRP घोषित नहीं की है, लेकिन वितरकों के अनुसार नई कीमतें बाजार में आ रही हैं।)
Wills Navy Cut (10 सिगरेट पैक)
- पुराना दाम: ₹95
- नया अनुमानित दाम: ₹120 (करीब ₹25 की बढ़ोतरी)
Gold Flake Lights / Wills Classic / Wills Classic Milds (10 सिगरेट पैक)
- पुराना दाम: ₹170
- नया अनुमानित दाम: ₹220–225 (₹50–55 की बढ़ोतरी)
Classic Connect (20 सिगरेट पैक)
- पुराना दाम: ₹300
- नया अनुमानित दाम: ₹350 (₹50 की बढ़ोतरी)
प्रीमियम ब्रांड्स (76 mm)
- प्रति 10 सिगरेट पैक पर ₹50–55 तक की बढ़ोतरी
व्यापारियों का कहना है कि महीने के अंत तक सभी कंपनियां नई MRP वाले पैकेट बाजार में भेज देंगी। फिलहाल दुकानों पर पुराने और नए दामों का मिश्रण देखने को मिल सकता है।
सरकार का साफ संदेश
सरकार ने टैक्स बढ़ाकर दो बड़े लक्ष्य तय किए हैं—
- कैंसर, हार्ट अटैक और COPD जैसी बीमारियों से लोगों को बचाना।
- टैक्स से मिलने वाली अतिरिक्त आय को स्वास्थ्य सेवाओं में लगाना।
यह फैसला WHO के तंबाकू नियंत्रण फ्रेमवर्क (FCTC) के अनुरूप माना जा रहा है।
स्मोकर्स के लिए सलाह
नई कीमतों से बचने का कोई रास्ता नहीं है। बेहतर होगा कि लोग धूम्रपान छोड़ने पर विचार करें। निकोटीन गम, पैच या काउंसलिंग जैसे विकल्प अपनाए जा सकते हैं।
कानूनन 18 साल से कम उम्र के लोगों को सिगरेट बेचना अपराध है।
सिगरेट अब पहले से कहीं ज्यादा महंगी हो गई है, लेकिन सरकार का मकसद साफ है—स्वस्थ भारत और सुरक्षित फेफड़े। अगर आप स्मोकिंग छोड़ने की सोच रहे हैं, तो यह सही समय है।













