श्रीनगर।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
जम्मू-कश्मीर विधानसभा सत्र की शुरुआत से पहले मंगलवार को कांग्रेस ने विधानसभा के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायकों ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग उठाई और धारा 370 व 35ए की बहाली को लेकर भी आवाज बुलंद की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में राज्य का दर्जा बहाल करने से जुड़े बैनर और पोस्टर नजर आए, वहीं नारेबाजी के जरिए केंद्र सरकार पर वादे पूरे करने का दबाव बनाया गया।
विधानसभा सत्र से पहले हुआ प्रदर्शन
कांग्रेस का यह प्रदर्शन ठीक उस समय हुआ जब विधानसभा सत्र शुरू होने वाला था। प्रदर्शन कर रहे विधायकों का कहना था कि जम्मू-कश्मीर के लोगों से बार-बार किए गए वादों को अब अमल में लाने का समय आ चुका है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार ने राज्य का दर्जा बहाल करने को लेकर आश्वासन तो दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
पहले भी किया गया था वादा: मुबारक गुल
मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस विधायक और चीफ व्हिप मुबारक गुल ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस लंबे समय से जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिलाने की मांग कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई नई मांग नहीं है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह संसद में पहले ही इस मुद्दे पर आश्वासन दे चुके हैं। अब उन्हें उनके ही वादे याद दिलाए जा रहे हैं।
विधानसभा में लाया जाएगा प्रस्ताव
कांग्रेस विधायक ने बताया कि इस मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर विधानसभा में एक प्रस्ताव लाया जाएगा। प्रस्ताव में न केवल प्रदेश को राज्य का दर्जा देने, बल्कि लद्दाख, गिलगित और बलूचिस्तान को भी जम्मू-कश्मीर में शामिल करने की मांग रखी जाएगी। कांग्रेस विधायक तनवीर सादिक ने कहा कि वे लगातार इस मांग को सदन और जनता के बीच उठा रहे हैं।
राज्यपाल के संबोधन पर सवाल
इस मुद्दे पर निर्दलीय विधायक डॉ. रामेश्वर सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के हालिया संबोधन में स्टेटहुड का कोई जिक्र नहीं किया गया, जबकि पिछले वर्ष उपराज्यपाल ने अपने संबोधन में इस पर बात की थी। उन्होंने कहा कि इस बार इसका उल्लेख न होने से लोगों की उम्मीदों को झटका लगा है।













