इंफाल। हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
केंद्र सरकार ने मणिपुर में लागू राष्ट्रपति शासन को हटा लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से बुधवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई। इसके साथ ही राज्य में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब कुछ ही घंटों बाद मणिपुर को नया मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है।
शाम 6 बजे शपथ ग्रहण समारोह
भारतीय जनता पार्टी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि एनडीए विधायक दल के नेता वाई. खेमचंद सिंह बुधवार शाम 6 बजे मणिपुर के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह राजधानी इंफाल स्थित लोक भवन में आयोजित किया जाएगा। इसके लिए सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मणिपुर बीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी साझा की है।
बीजेपी का संदेश: शांति और विकास का नया दौर
बीजेपी ने अपने संदेश में कहा कि वाई. खेमचंद सिंह के अनुभव और दूरदर्शी नेतृत्व में मणिपुर शांति, विकास और सुशासन के पथ पर आगे बढ़ेगा। पार्टी का दावा है कि उनके नेतृत्व में राज्य में स्थिरता लौटेगी और विकास का नया अध्याय शुरू होगा। मुख्यमंत्री पद की दावेदारी पेश करने के कुछ ही मिनट पहले पार्टी की ओर से यह संदेश जारी किया गया।
राज्यपाल से मिलकर सरकार गठन का दावा
वाई. खेमचंद सिंह के नेतृत्व में एनडीए का एक प्रतिनिधिमंडल लोक भवन पहुंचा और राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर सरकार गठन का औपचारिक दावा पेश किया। इस प्रतिनिधिमंडल में चुराचांदपुर और फेरजावल जैसे कुकी-जो बहुल जिलों के विधायक भी शामिल थे, जिन्हें राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। इससे पहले बीजेपी विधायक थोंगम बिस्वजीत सिंह ने बताया था कि मुख्यमंत्री समेत कुल पांच विधायक मंत्रिपद की शपथ लेंगे।
क्यों लगाया गया था राष्ट्रपति शासन
गौरतलब है कि मणिपुर में फरवरी 2025 में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। इससे पहले मई 2023 में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच भीषण हिंसा हुई थी। राज्य में आगजनी, तोड़फोड़ और व्यापक अशांति फैल गई थी। हालात संभालने में विफल रहने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
















