इंफाल, हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
मणिपुर में लंबे राजनीतिक अनिश्चितता के दौर के बाद आखिरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल हो गई। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने आज लोकभवन में युमनाम खेमचंद सिंह को मणिपुर के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई। इसके साथ ही राज्य में पिछले 356 दिनों से लागू राष्ट्रपति शासन का औपचारिक रूप से अंत हो गया। शपथ ग्रहण समारोह में कई वरिष्ठ नेता, अधिकारी और आमंत्रित अतिथि मौजूद रहे।
राष्ट्रपति शासन का हुआ अंत
मणिपुर में 9 फरवरी 2025 को तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राजनीतिक हालात अस्थिर हो गए थे। इसके चलते 13 फरवरी 2025 से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था। करीब एक साल तक चले इस दौर में प्रशासनिक फैसले केंद्र के माध्यम से लिए जा रहे थे। आज नई सरकार के गठन के साथ ही राज्य एक बार फिर निर्वाचित नेतृत्व के अधीन आ गया है।
युमनाम खेमचंद सिंह बने 13वें मुख्यमंत्री
युमनाम खेमचंद सिंह को एक अनुभवी और जमीनी नेता के तौर पर देखा जाता है। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता राज्य में शांति बहाल करना, विकास को गति देना और सभी समुदायों के बीच विश्वास का माहौल बनाना होगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार बिना किसी भेदभाव के काम करेगी।
नेमचा किपगेन ने रचा इतिहास
इस शपथ ग्रहण समारोह की एक खास बात यह रही कि नेमचा किपगेन ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली और इसके साथ ही वह मणिपुर की पहली महिला डिप्टी सीएम बन गईं। उनके इस पद पर पहुंचने को राज्य की राजनीति में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नई सरकार से बढ़ी उम्मीदें
राष्ट्रपति शासन के दौरान विकास योजनाओं की रफ्तार धीमी पड़ गई थी। अब नई सरकार से यह उम्मीद की जा रही है कि वह कानून-व्यवस्था को मजबूत करेगी, विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाएगी और राज्य में स्थायी शांति के लिए ठोस कदम उठाएगी।













