नोएडा, दिल्ली और गुरुग्राम के स्कूलों को धमकी देने वाले ईमेल से जुड़ा कनेक्शन; पाकिस्तान-बांग्लादेश समेत कई देशों में आईडी बेचने का आरोप
हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
कानपुर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश एटीएस ने फर्जी पहचान के आधार पर लाखों ईमेल आईडी तैयार कर देश-विदेश में बेचने के आरोप में कानपुर नगर से 24 वर्षीय अंकित शंखवार को गिरफ्तार किया है। एटीएस के मुताबिक, आरोपी के लैपटॉप से करीब पांच लाख ईमेल आईडी से संबंधित डाटा मिला है। जांच में नोएडा, दिल्ली और गुरुग्राम के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले ईमेल से भी उसका कनेक्शन सामने आया है। आरोपी पर विदेशी लोगों को ईमेल आईडी उपलब्ध कराने और इसके बदले क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान लेने का आरोप है।
लैपटॉप में मिलीं लाखों ईमेल आईडी
एटीएस के अनुसार, आरोपी को 28 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद हुआ है। लैपटॉप में कई एक्सेल फाइलें और क्रिप्टो वॉलेट से संबंधित जानकारी मिली है। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपी वर्ष 2021 से फर्जी ईमेल आईडी बनाने के काम में लगा था। वह प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल कर इन आईडी को अलग-अलग पहचान के साथ उपयोग के लिए तैयार करता था।
स्कूलों और मुंबई में धमकी से जुड़े तार
जांच के दौरान ‘simenbriones9265@gmail.com’ नाम की ईमेल आईडी सामने आई, जिसका इस्तेमाल 12 अक्टूबर को नोएडा के स्कूलों और अन्य स्थानों पर धमकी भरे ईमेल भेजने में किए जाने की बात कही गई है। इन संदेशों में दिल्ली-एनसीआर में प्रस्तावित कार्यक्रमों और एक प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता के घर पर बम धमाके की धमकी का भी उल्लेख था। वहीं, ‘smithjohnson6889@gmail.com’ आईडी का संबंध 23 अक्टूबर को मुंबई के मेयर कार्यालय को भेजी गई धमकी से जोड़ा गया है।
फेसबुक के जरिए विदेशी नेटवर्क से संपर्क
एटीएस के मुताबिक, आरोपी फेसबुक के ‘Buy & Sell’ समूहों के माध्यम से विदेशी लोगों के संपर्क में आया था। आरोप है कि वह ईमेल आईडी के साथ पासवर्ड, रिकवरी ईमेल और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन से जुड़ी जानकारी भी साझा करता था। जांच में पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्की और मिस्र समेत कई देशों के लोगों से संपर्क के संकेत मिले हैं।
एटीएस का दावा है कि बांग्लादेशी नागरिक अलामीन इस्लाम उर्फ अलामीन को ईमेल आईडी उपलब्ध कराने के बदले आरोपी को 6,000 USDT मिले थे। एजेंसी को मोबाइल फोन में इससे जुड़े साक्ष्य मिलने की बात कही गई है। मामले में लखनऊ स्थित यूपी एटीएस थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी अब ईमेल आईडी के इस्तेमाल, विदेशी संपर्कों और क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन की कड़ियों की पड़ताल कर रही है।















