पेंशनर्स को 30 नवंबर तक जमा करना होगा जीवन प्रमाण पत्र, पीएनबी क्रेडिट कार्ड के शुल्क में बढ़ोतरी; टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर दायरे में रहने वालों को मिलेगा सस्ता वार्षिक पास
अलीगढ़।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ : नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही रविवार, एक नवंबर से आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और व्यक्तिगत वित्त से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। इनका सीधा असर पेंशनर्स, बैंक ग्राहकों, क्रेडिट कार्ड धारकों, कारोबारियों, टैक्सपेयर्स और म्यूचुअल फंड निवेशकों पर पड़ेगा। जहां एक ओर टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को वार्षिक पास के रूप में राहत मिलेगी, वहीं कुछ बैंकिंग सेवाओं और क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। इसके अलावा जीएसटी नियमों में बदलाव और टैक्स रिटर्न दाखिल करने की बढ़ी हुई समय-सीमा भी इस महीने महत्वपूर्ण रहेगी।
पेंशनर्स को 30 नवंबर तक देना होगा जीवन प्रमाण पत्र
सरकारी पेंशन पाने वाले लोगों के लिए नवंबर का महीना महत्वपूर्ण है। पेंशन का भुगतान बिना रुकावट जारी रखने के लिए पेंशनर्स को 30 नवंबर तक वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होगा। 80 वर्ष या इससे अधिक आयु के वरिष्ठ पेंशनर्स के लिए यह सुविधा एक अक्टूबर से शुरू हो चुकी है, जबकि अन्य पेंशनर्स एक नवंबर से प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। इसके लिए बैंक शाखा, आधार आधारित डिजिटल जीवन प्रमाण और डाक विभाग की डोरस्टेप सेवा का विकल्प उपलब्ध है। निर्धारित समय में प्रमाण पत्र जमा नहीं करने पर पेंशन का भुगतान अस्थायी रूप से रोका जा सकता है।
ऑडिट वाले टैक्सपेयर्स को मिली राहत
इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने वाले कारोबारियों और पेशेवरों को राहत मिली है। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ऑडिट कराने वाले पात्र टैक्सपेयर्स की आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर कर दी गई है। यह सुविधा सभी करदाताओं के लिए नहीं है। वहीं, निर्धारित समय-सीमा में रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले पात्र लोगों को 31 दिसंबर तक बिलेटेड रिटर्न दाखिल करने का मौका मिलेगा। हालांकि इसके लिए लागू लेट फीस और अन्य शर्तों का पालन करना होगा।
जीएसटी और ई-कॉमर्स कारोबारियों को राहत
जीएसटी व्यवस्था में भी एक नवंबर से कई बदलाव लागू किए गए हैं। इनका उद्देश्य कारोबारियों के लिए पंजीकरण, रिफंड और अनुपालन की प्रक्रिया आसान बनाना है। बिक्री के बाद दी जाने वाली छूट से जुड़े नियमों को स्पष्ट किया गया है। वहीं, इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर वाले कारोबारियों के लिए प्रोविजनल रिफंड की प्रक्रिया तेज करने का प्रावधान किया गया है। छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं को भी पंजीकरण में राहत मिलेगी। नई व्यवस्था के तहत निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले विक्रेता अन्य राज्यों में भी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से कारोबार कर सकेंगे। इससे छोटे कारोबारियों की कार्यप्रणाली आसान होने और नकदी प्रवाह बेहतर होने की उम्मीद है।
पीएनबी क्रेडिट कार्ड धारकों को लगेगा अतिरिक्त शुल्क
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने अपने वीजा और रुपे क्रेडिट कार्ड के शुल्क में बदलाव किया है। एक नवंबर से पीएनबी के एटीएम से क्रेडिट कार्ड के जरिए नकदी निकालने पर निकाली गई राशि का 2.5 प्रतिशत या 400 रुपये, जो भी अधिक होगा, शुल्क देना होगा। दूसरे घरेलू एटीएम पर यह शुल्क 2.5 प्रतिशत या 500 रुपये होगा। इसके अलावा 50 हजार रुपये से अधिक के बकाया पर लेट पेमेंट फीस अधिकतम 1200 रुपये तक हो सकती है। एक बिलिंग साइकिल में 50 हजार रुपये से अधिक के यूटिलिटी बिल भुगतान पर एक प्रतिशत शुल्क भी लगेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 2000 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन होगी।
इंडसइंड बैंक के ग्राहकों को भी झटका
इंडसइंड बैंक ने कुछ चुनिंदा सेविंग अकाउंट धारकों के लिए फेल ट्रांजैक्शन पर शुल्क लागू किया है। खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं होने के कारण पीओएस मशीन से भुगतान या बैंक के एटीएम से ट्रांजैक्शन फेल होने पर 25 रुपये शुल्क देना होगा। वहीं, वित्तीय कारणों के अलावा अन्य वजहों से चेक रिटर्न होने पर 50 रुपये प्रति चेक शुल्क लगेगा। इन शुल्कों पर जीएसटी अलग से देना होगा।
टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर दायरे में मिलेगा वार्षिक पास
हाईवे पर सफर करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। नए टोल नियमों के तहत टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले निजी वाहन मालिक स्थानीय वार्षिक पास बनवा सकेंगे। इसके लिए वाहन पर वैध फास्टैग होना जरूरी है। टोल प्लाजा नगर पालिका क्षेत्र से बाहर होने पर वार्षिक पास की फीस 1500 रुपये और शहर के अंदर होने पर 3000 रुपये निर्धारित की गई है। यह पास केवल संबंधित टोल प्लाजा पर मान्य होगा। हालांकि क्लोज्ड टोलिंग सिस्टम और सर्विस रोड वाले कुछ हाईवे पर यह सुविधा लागू नहीं होगी।
म्यूचुअल फंड और गोल्ड बॉन्ड निवेशकों के लिए भी बदलाव
सेबी के निर्देशों के अनुसार, एक नवंबर से एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डायरेक्ट म्यूचुअल फंड प्लान डिफॉल्ट विकल्प होंगे। निवेशकों को रेगुलर प्लान चुनने पर उसके अधिक एक्सपेंस रेशियो की जानकारी देनी होगी। इसके अलावा सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) की चार सीरीज के निवेशकों को नवंबर में समय से पहले रिडेम्पशन का मौका मिलेगा। इनमें 2021-22 सीरीज VII का रिडेम्पशन 2 नवंबर, 2020-21 सीरीज VIII का 18 नवंबर, सीरीज II का 19 नवंबर और 2021-22 सीरीज I का 25 नवंबर को निर्धारित है।
कुल मिलाकर नवंबर की शुरुआत के साथ हुए ये बदलाव किसी के लिए राहत तो किसी के लिए अतिरिक्त खर्च लेकर आए हैं। ऐसे में बैंक ग्राहकों, पेंशनर्स और निवेशकों को नए नियमों की जानकारी रखना जरूरी है, ताकि अनावश्यक शुल्क और आर्थिक परेशानी से बचा जा सके।
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