हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 8 मई : 2025,
आगरा, 8 मई 2025 — ऐतिहासिक आगरा कॉलेज और उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) के बीच जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद गहरा गया है। कॉलेज प्रबंधन समिति ने मेट्रो परियोजना पर गंभीर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया है कि मेट्रो स्टेशन का निर्माण कॉलेज की स्वामित्व वाली भूमि पर अवैध रूप से किया जा रहा है।
बुधवार को कॉलेज के प्राचार्य एवं कॉलेज ट्रस्ट के पदेन सचिव डॉ. सी.के. गौतम ने एक प्रेसवार्ता कर इस मुद्दे को सार्वजनिक किया। उन्होंने बताया कि बिना किसी विधिक मुआवजे या समझौते के मेट्रो कॉरपोरेशन ने कॉलेज के मैदान पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है, जो पूर्णतः अवैध है।
कॉलेज की ऐतिहासिक ज़मीन पर अवैध कब्जा
प्राचार्य ने जानकारी दी कि वर्ष 1823 से कॉलेज के नाम दर्ज हॉकी मैदान की ज़मीन, जो कॉलेज के पूर्ण स्वामित्व में है, उसे मेट्रो कॉरपोरेशन ने जबरन अधिग्रहित कर लिया है। इस भूमि को ‘बोर्डिंग हाउस’ दर्शाकर सरकारी संपत्ति घोषित करने की कोशिश की जा रही है, जबकि विधिक अभिलेखों में यह जमीन आगरा कॉलेज की बोर्डिंग हाउस के रूप में दर्ज है।
कानूनी कार्रवाई की मांग
डॉ. गौतम ने प्रमुख सचिव आवास विकास परिषद, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा, आगरा मण्डलायुक्त एवं कॉलेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार सहित संबंधित अधिकारियों से अविलंब कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी बताया कि प्राचार्य आवास के पीछे की ज़मीन पर भी मेट्रो परियोजना का कार्य अवैध रूप से चल रहा है, जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
तीन दिन का अल्टीमेटम, फिर होगा आंदोलन
कॉलेज प्रबंधन समिति ने चेतावनी दी है कि यदि अगले तीन दिनों में सक्षम प्रशासनिक अधिकारी इस अवैध निर्माण को नहीं रुकवाते, तो कॉलेज ट्रस्ट मेट्रो परियोजना का कार्य बलपूर्वक बंद करवा देगा। कॉलेज के शिक्षक एवं ट्रस्ट सदस्य इस मुद्दे पर एकजुट होकर विरोध की योजना बना चुके हैं।
विवाद बढ़ने के आसार
इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट है कि आगरा की मेट्रो परियोजना को अब कानूनी और प्रशासनिक मोर्चों पर चुनौती मिल सकती है। आगरा कॉलेज की ज़मीन को लेकर उठे सवालों के जवाब न केवल परियोजना की गति को प्रभावित कर सकते हैं, बल्कि सरकार के लिए भी यह एक संवेदनशील मुद्दा बन सकता है।

















