हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 11 मई : 2025,
नई दिल्ली, 11 मई 2025 — दिल्ली के साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट में स्थित आरके पुरम थाना क्षेत्र में एक हाई-प्रोफाइल मुठभेड़ के बाद दो कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी से राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को बड़ी कामयाबी मिली है। पकड़े गए अपराधियों की पहचान सुनील उर्फ सुभाष और मनीष उर्फ मोगली के रूप में हुई है। दोनों पर हत्या, हत्या की कोशिश, पुलिस से मुठभेड़, डकैती, लूटपाट और अवैध हथियार रखने जैसे 50 से अधिक संगीन अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, यह मुठभेड़ 8 और 9 मई 2025 की दरम्यानी रात करीब 1:10 बजे आरके पुरम स्थित राव तुला राम मार्ग पर हुई। गश्त के दौरान पुलिस की टीम ने दो संदिग्धों को फुटपाथ पर बैठे देखा। जब पुलिस ने उनसे पूछताछ शुरू की, तो दोनों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं, जिसमें सुनील के बाएं पैर में गोली लग गई। वहीं, मनीष को बिना चोट के मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
भारी मात्रा में हथियार व चोरी की बाइक बरामद
मुठभेड़ के बाद जब दोनों की तलाशी ली गई तो उनके पास से दो 7.65 एमएम पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, तीन खाली कारतूस, एक चोरी की होंडा सीबी हॉर्नेट बाइक और एक नकली नंबर प्लेट बरामद की गई। पुलिस ने इन सभी बरामद सामानों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी
इस ऑपरेशन को आरके पुरम थाने की विशेष टीम ने डीसीपी सुरेंद्र चौधरी के नेतृत्व में अंजाम दिया। डीसीपी चौधरी ने मीडिया को बताया कि गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में दोनों अपराधियों ने विवेकानंद मार्ग, आरके पुरम में 4 मई को सोने की चेन छीनने की वारदात सहित कई अन्य खुलासे किए हैं।
मनीष और सुनील का आपराधिक इतिहास
- मनीष उर्फ मोगली: भारत नगर थाने का एक्टिव बैड कैरेक्टर, अब तक 26 मामलों में शामिल, पांचवीं कक्षा के बाद अपराध की दुनिया में प्रवेश किया, शादीशुदा है और दो बच्चों का पिता है।
- सुनील उर्फ सुभाष: 6 साल की उम्र में माता-पिता को खो दिया, अब तक 24 से अधिक संगीन मामलों में शामिल, 2012 में उसे 4105 दिन की सजा और ₹10,500 का जुर्माना भी लग चुका है।
कई मामलों का हुआ खुलासा
गिरफ्तारी के बाद दोनों से पूछताछ में पुलिस को दिल्ली के कई थानों में दर्ज छिनैती और चोरी की वारदातों की जानकारी मिली, जिनमें आरके पुरम, मुखर्जी नगर और अन्य थाना क्षेत्रों के मामले भी शामिल हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 197/25 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
आगे की जांच जारी
पुलिस अब इन अपराधियों के नेटवर्क और संभावित साथियों की तलाश में जुटी है। डीसीपी चौधरी ने यह भी कहा कि इनकी गिरफ्तारी से दिल्ली में लोगों के बीच सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है और पुलिस कई लंबित मामलों को सुलझाने में सफल रही है।













