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दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने चांदनी चौक में निर्माणों को ध्वस्त करने की कार्रवाई पर रोक लगाई, MCD को फटकार

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 14 मई : 2025,

दिल्ली, 13 मई 2025: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के चांदनी चौक इलाके के फतेहपुरी क्षेत्र में आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों को ध्वस्त करने की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली नगर निगम (MCD) को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि वह अवैध निर्माणों को रोकने में विफल रहा है। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि अगर MCD समय पर स्थिति रिपोर्ट पेश नहीं करता है, तो यह माना जाएगा कि वह बिल्डरों के साथ मिलीभगत कर रहा है।

SC ने दी बड़ी राहत, ध्वस्तीकरण और निर्माण पर लगी रोक

सुप्रीम कोर्ट ने अपनी सुनवाई में यह आदेश दिया कि इस बीच फतेहपुरी क्षेत्र में आवासीय भवनों के ध्वस्तीकरण और व्यावसायिक परिसरों के निर्माण व बदलाव पर रोक लगाई जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि MCD अपनी रिपोर्ट समय पर पेश नहीं करता, तो उसे अवमानना की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने क्षेत्र की तस्वीरों और स्थिति रिपोर्ट पर गौर करते हुए यह कहा कि MCD ने व्यावसायिक परिसरों के अवैध निर्माण को रोकने में कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। अदालत ने इस मामले में जल्द समाधान की आवश्यकता पर बल दिया।

MCD रिपोर्ट पर शक, कोर्ट ने किया स्वतंत्र निरीक्षण का आदेश

MCD के अधिवक्ता ने सुनवाई के दौरान दावा किया कि अदालत के आदेश के बाद क्षेत्र का निरीक्षण किया गया था और रिपोर्ट तैयार की गई थी, लेकिन छुट्टियों के कारण उसे कोर्ट में दाखिल नहीं किया जा सका। वकील ने यह भी कहा कि इलाके से सभी अवैध निर्माण हटा दिए गए हैं।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने MCD की रिपोर्ट पर भरोसा जताने से इनकार कर दिया और स्वतंत्र निरीक्षण की आवश्यकता जताई। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से स्वतंत्र वास्तुकारों और सिविल इंजीनियरों के नाम सुझाने को कहा ताकि वे मौके पर जाकर मुआयना कर निष्पक्ष रिपोर्ट पेश कर सकें।

CBI जांच पर विचार

इसके अलावा, यह भी उल्लेखनीय है कि इससे पहले 17 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की CBI जांच कराने की संभावना पर भी विचार किया था। मामले की अगली सुनवाई 23 मई को होगी, जब कोर्ट इस मामले में आगे की कार्रवाई पर विचार करेगा।

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