हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
अलीगढ़ में विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी
अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत में जिले को बड़ी सौगात दी है। कमिश्नरी सभागार में आयोजित एडीए की 90वीं बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें सबसे प्रमुख राजपुर औद्योगिक नगर योजना रही। यह योजना जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से करीब 30 किलोमीटर दूरी पर विकसित की जाएगी, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा।

राजपुर औद्योगिक नगर: 3355 एकड़ में विकसित होगा इंडस्ट्रियल हब
एडीए की यह पहली औद्योगिक योजना खैर क्षेत्र के गांव राजपुर, नरायणपुर और सोफा की जमीन पर विकसित की जाएगी। कुल 3355 एकड़ क्षेत्र में बनने वाली इस योजना से लगभग 7374 करोड़ रुपये की आय और 3940 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है। भूमि अधिग्रहण के लिए लैंड पुलिंग, आपसी सहमति और अनिवार्य अर्जन जैसे विकल्प अपनाए जाएंगे।
योजना के लिए शासन से करीब 400 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव भी रखा गया है, जिससे शुरुआती विकास कार्यों को गति मिलेगी।
निवेश और रोजगार के बड़े अवसर
एडीए वीसी कुलदीप मीणा के अनुसार, इस योजना के तहत इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से बड़े निवेश आने की संभावना है। दो एंकर निवेशकों ने पहले ही रुचि दिखाई है, जिससे करीब 12 हजार करोड़ रुपये का निजी निवेश और 45 हजार से अधिक रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। यह योजना स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगी।
रणनीतिक लोकेशन से मिलेगा फायदा
राजपुर औद्योगिक योजना का स्थान बेहद रणनीतिक है। इसके 75 किमी दायरे में जेवर एयरपोर्ट, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (खुर्जा), डिफेंस कॉरिडोर, अलीगढ़-पलवल एक्सप्रेसवे, आईसीडी दादरी, टप्पल लॉजिस्टिक हब और नमो भारत आरआरटीएस जैसे बड़े प्रोजेक्ट पहले से मौजूद हैं। इससे उद्योगों को लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी में बड़ा लाभ मिलेगा।
शहर विकास के लिए 100 करोड़ का अतिरिक्त बजट
बैठक में अवस्थापना निधि से 100 करोड़ रुपये शहर के विकास कार्यों पर खर्च करने का प्रस्ताव भी पास हुआ। इसमें रामघाट रोड से बौनैर मार्ग के चौड़ीकरण, नाला पाटने और ट्रैफिक सुधार जैसे कार्य शामिल हैं। इसके अलावा शहर के चारों दिशाओं में सांस्कृतिक और औद्योगिक पहचान दर्शाने वाले भव्य द्वार भी बनाए जाएंगे।
अन्य प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी
बैठक में कुल नौ प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई, जिनमें ट्रांसपोर्ट नगर योजना में संशोधन, आवासीय योजनाओं की भूमि दरों को स्थिर रखना, आउटसोर्सिंग से आर्किटेक्ट नियुक्ति और महायोजना-2031 के तहत जोनल प्लान तैयार करना शामिल है।
कमिश्नर संगीता सिंह ने कहा कि यह योजना जेवर एयरपोर्ट के अनुरूप औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है और इससे अलीगढ़ को नई पहचान मिलेगी।
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