हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
बिहार विधानसभा चुनावों से पहले सियासी माहौल बेहद गर्म हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव की ओर से शुरू की गई ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में अब समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी शामिल हो गए हैं। अखिलेश यादव ने खुली जीप पर राहुल और तेजस्वी के साथ यात्रा में भाग लेकर जनसमर्थन जुटाया। तीनों नेताओं की यह साझा मौजूदगी सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन गई, जिसे लोग “तीन लड़कों की जोड़ी” कहकर संबोधित कर रहे हैं।
अखिलेश यादव ने इस मौके पर कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा – “पहले अवध में हराया, अब मगध में हराएंगे।” उनके इस बयान ने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को निशाने पर लिया और बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी।
यात्रा के मंच से अखिलेश यादव ने तेजस्वी यादव के कामकाज की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव ने पहले भी युवाओं के लिए काम करके रिकॉर्ड संख्या में नौकरियां दी थीं। अब जनता को उम्मीद है कि अगर तेजस्वी फिर सत्ता में आते हैं तो रोजगार के अवसर और बढ़ेंगे। उन्होंने दावा किया कि इस बार पलायन नहीं, बल्कि बीजेपी का पलायन होगा।
सपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि बिहार की जनता अपने अधिकारों को लेकर सजग हो रही है। ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के जरिए पूरे देश को यह संदेश जा रहा है कि जनता के अधिकार छीने जा रहे हैं। अखिलेश ने कहा कि इस बार बिहार में सौहार्द की जीत होगी और मतदाता भविष्य बनाने के लिए मतदान करेंगे।
राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव की इस साझा रैली से विपक्षी एकजुटता का संदेश स्पष्ट दिख रहा है। तीनों नेताओं ने मिलकर बीजेपी और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। सोशल मीडिया पर लोग इसे आगामी चुनावों में विपक्ष की “युवा तिकड़ी” करार दे रहे हैं।
अखिलेश यादव का यह बयान और विपक्षी नेताओं की एकता न केवल बिहार बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी नए समीकरणों की ओर इशारा कर रही है।