हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
एएमयू मेडिकल कॉलेज में उन्नत ऑन्कोलॉजी व न्यूक्लियर मेडिसिन सेंटर की स्थापना
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने मॉलिक्यूलर डायग्नॉस्टिक्स एंड थैरेपी एलएलपी के साथ पीपीपी मॉडल के तहत जेएनएमसी में अत्याधुनिक ऑन्कोलॉजी एवं एडवांस्ड डायग्नॉस्टिक सेंटर स्थापित करने के लिए करार किया है। यह केंद्र कैंसर ओपीडी ब्लॉक में स्थापित होगा। समझौते पर सीईओ मोहित गुप्ता और एएमयू रजिस्ट्रार प्रो. आसिम जफर ने हस्ताक्षर किए। कुलपति प्रो. नइमा खातून ने इसे क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मील का पत्थर बताया। यहां लिनैक आधारित डिजिटल रेडियोथेरेपी, पीईटी-सीटी, गामा कैमरा और रेडियोन्यूक्लाइड थैरेपी की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
प्रो. मोहम्मद नावेद खान एएमयू के नए प्रॉक्टर नियुक्त
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर मोहम्मद नावेद खान को विश्वविद्यालय का नया प्रॉक्टर नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 3 फरवरी 2026 से दो वर्षों के लिए प्रभावी होगी। प्रो. खान को 22 वर्षों से अधिक का शिक्षण और शोध अनुभव है। वे डिप्टी प्रॉक्टर, फॉरेन एवं एनआरआई एडमिशन कोऑर्डिनेटर तथा ‘स्टडी इन इंडिया’ के नोडल अधिकारी जैसे दायित्व निभा चुके हैं। वर्तमान में वे फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के डीन हैं। उनके नाम 114 से अधिक शोध पत्र और कई प्रतिष्ठित पुरस्कार दर्ज हैं।
एएमयू में इतिहास लेखन पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन
एएमयू के इतिहास विभाग में “इतिहासलेखनः पद्धतियाँ, दृष्टिकोण और समकालीन विमर्श” विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। विभागाध्यक्ष प्रो. हसन इमाम ने विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि प्रो. हामिद नसीम रफियाबादी ने मार्क्सवादी इतिहास लेखन पर व्याख्यान दिया। प्रो. एस. एम. अजीजुद्दीन हुसैन ने मध्यकालीन इतिहास में एएमयू के योगदान की सराहना की। अध्यक्षीय भाषण में प्रो. अली अतहर ने डिजिटल और ट्रांसनेशनल इतिहास पर चर्चा की। इस अवसर पर ‘तारीख नामा’ पत्रिका का विमोचन भी हुआ।
धर्म अध्ययन के समकालीन महत्व पर एएमयू में व्याख्यान
सुन्नी थियोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित व्याख्यान में आलिया विश्वविद्यालय के प्रो. हामिदुल्लाह मराजी ने धर्म अध्ययन के महत्व पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि आधुनिक समाज में धर्म का गंभीर और विद्वतापूर्ण अध्ययन अत्यंत आवश्यक है। धर्म समाज के नैतिक और आध्यात्मिक ढांचे का आधार है। डीन प्रो. मोहम्मद हबीबुल्लाह कासमी ने अंतरधार्मिक संवाद के लिए आत्मबोध पर बल दिया। अध्यक्षीय भाषण में प्रो. मोहम्मद राशिद इस्लाही ने सामाजिक सौहार्द और नैतिक आचरण को धार्मिक दायित्व बताया। कार्यक्रम में शिक्षक और छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
एएमयू गृह विज्ञान विभाग में खाद्य संरक्षण कार्यशाला शुरू
कृषि विज्ञान संकाय के गृह विज्ञान विभाग में खाद्य संरक्षण एवं प्रसंस्करण पर दो सप्ताह की कार्यशाला शुरू हुई। विभागाध्यक्ष प्रो. सबा खान ने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों से खाद्य अपव्यय कम किया जा सकता है। मुख्य वक्ता प्रो. पुलकित माथुर ने खाद्य सुरक्षा, एचएसीसीपी, पैकेजिंग और उद्यमिता पर व्याख्यान दिया। डीन प्रो. अब्दुल मलिक ने सूक्ष्मजीव नियंत्रण और गुणवत्ता पर प्रकाश डाला। कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर खाद्य उद्योग और स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है।
कॉरपोरेट सस्टेनेबिलिटी सम्मेलन में एएमयू फैकल्टी ने की सत्र अध्यक्षता
एएमयू मल्लापुरम सेंटर के असिस्टेंट प्रोफेसर सैयद अहमद साद ने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में तकनीकी सत्र की अध्यक्षता की। यह सम्मेलन फारूक इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज द्वारा नीदरलैंड्स की सैक्सियन यूनिवर्सिटी के सहयोग से आयोजित हुआ। सत्र का विषय “सस्टेनेबल फाइनेंस और सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी” रहा। फिनलैंड और नीदरलैंड्स के विशेषज्ञों ने अपने शोध प्रस्तुत किए। साद की भूमिका ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एएमयू की शैक्षणिक उपस्थिति को और सुदृढ़ किया।
एएमयू की डॉ. सफिया काजमी को आईईईई का प्रतिष्ठित पुरस्कार
एएमयू के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सफिया अख्तर काजमी को आईईईई उत्तर प्रदेश सेक्शन का ‘आउटस्टैंडिंग ब्रांच एफिनिटी ग्रुप एडवाइजर अवॉर्ड 2025’ मिला। यह सम्मान कानपुर में आयोजित वार्षिक बैठक में प्रदान किया गया। डॉ. काजमी ने आईईईई विमेन इन इंजीनियरिंग समूह के माध्यम से कई तकनीकी और करियर उन्मुख कार्यक्रम आयोजित किए। उन्होंने इस सम्मान को छात्रों और शिक्षकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।
आरसीए एएमयू में सिविल व न्यायिक सेवा अभ्यर्थियों के लिए एलुमनी संवाद
रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी में सिविल और न्यायिक सेवा अभ्यर्थियों के लिए एलुमनी इंटरैक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। एएसपी अरुण कुमार और एडीजे गगन कुमार भारती ने अपने अनुभव साझा किए। न्यायमूर्ति सत्य वीर सिंह ने ईमानदारी और सार्वजनिक सेवा के नैतिक पक्ष पर बल दिया। छात्रों को तैयारी रणनीति और करियर मार्गदर्शन मिला। कार्यक्रम का उद्देश्य अभ्यर्थियों में आत्मविश्वास और दिशा प्रदान करना रहा।
एएमयू में अस्पतालों की गुणवत्ता पर विशेषज्ञ सत्र
बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग द्वारा एमबीए (हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन) छात्रों के लिए विशेषज्ञ सत्र आयोजित किया गया। डॉ. शिराज खान ने टेलीहेल्थ, मेडिकल टूरिज्म और मेडिकल एरर्स पर चर्चा की। उन्होंने एनएबीएच मानकों और गुणवत्ता आश्वासन तंत्र की भूमिका समझाई। विभागाध्यक्ष प्रो. सलमा अहमद ने मरीज सुरक्षा और गुणवत्ता सुधार के महत्व पर प्रकाश डाला। सत्र से छात्रों को अस्पताल प्रबंधन की व्यावहारिक समझ प्राप्त हुई।
















