हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
नई सरकार के बाद रिश्तों में नरमी के संकेत
जुलाई-अगस्त 2024 में व्यापक विरोध-प्रदर्शनों के बाद बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार का तख्तापलट हो गया था। इसके बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में ठंडापन आ गया था। वर्ष 2009 में सत्ता संभालने के बाद शेख हसीना के कार्यकाल में दोनों देशों के संबंध बेहद मजबूत रहे थे और उन्हें भारत समर्थक नेता माना जाता था। लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद हालात बदल गए।
अब तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार के आने के बाद दिल्ली और ढाका के बीच संबंधों में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। कूटनीतिक स्तर पर संवाद बढ़ा है और भरोसा बहाल करने की कोशिशें तेज हुई हैं।
जल्द बहाल होंगी सभी वीजा सेवाएं
बांग्लादेशी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सिलहट में भारत के वरिष्ठ कांसुलर अधिकारी अनिरुद्ध दास ने कहा है कि भारत बांग्लादेश में सभी वीजा सेवाओं को जल्द पूरी तरह बहाल करेगा। BDNews24 की रिपोर्ट में उनके हवाले से बताया गया कि फिलहाल मेडिकल और डबल-एंट्री वीजा जारी किए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि ट्रेवल वीजा सहित अन्य श्रेणियों को फिर से शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। दास ने जोर देकर कहा कि भारत-बांग्लादेश संबंध आपसी सम्मान और सहयोग पर आधारित हैं।
मोहम्मद यूनुस काल में बढ़ी थी दूरी
शेख हसीना के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान दोनों देशों के रिश्ते और बिगड़ गए थे। उस समय बांग्लादेश में भारत विरोधी अभियान तेज हो गया था। आरोप है कि यूनुस शासन के दौरान कुछ भारत-विरोधी कट्टरपंथियों को जेल से रिहा किया गया, जिससे हालात और संवेदनशील हो गए।
स्थिति को देखते हुए भारत ने 17 दिसंबर 2025 से बांग्लादेश में वीजा सेवाएं निलंबित कर दी थीं। सबसे पहले ढाका स्थित इंडियन वीजा एप्लिकेशन सेंटर को बंद किया गया था।
अब नई सरकार के साथ रिश्तों में सुधार और वीजा सेवाओं की बहाली को दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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