हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में जामा मस्जिद के संरक्षण और ऐतिहासिक संरचना से जुड़े निरीक्षण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। पुरातत्व विभाग (ASI) की टीम को मस्जिद में प्रवेश और मुख्य गुंबद का निरीक्षण करने से रोकने के आरोप में इंतजामिया कमेटी के दो सदस्यों—हाफिज और मोहम्मद काशिफ खान—के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की गई है। यह मामला सरकारी कार्य में बाधा डालने से जुड़ा बताया जा रहा है।
मामला 8 अक्टूबर 2025 का है, जब ASI मेरठ मंडल के अधिकारी विनोद कुमार रावत अपनी टीम के साथ संभल की ऐतिहासिक जामा मस्जिद पहुंचे थे। टीम का उद्देश्य मस्जिद की संरक्षण स्थिति का भौतिक निरीक्षण करना और मुख्य गुंबद की तकनीकी जांच करना था। आरोप के अनुसार, निरीक्षण शुरू होने के कुछ ही देर बाद इंतजामिया कमेटी के सदस्य हाफिज ने फोन कर मोहम्मद काशिफ खान को मौके पर बुलाया। दोनों ने मिलकर ASI टीम को मुख्य संरचना में प्रवेश से रोक दिया और निरीक्षण आगे नहीं बढ़ने दिया।
फरियाद में यह भी उल्लेख है कि वहां मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने स्थिति को तनावपूर्ण बनाने का प्रयास किया और ASI कर्मियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। विवाद बढ़ने पर ASI अधिकारियों को निरीक्षण बीच में ही रोककर वापस लौटना पड़ा। बाद में मेरठ कार्यालय से पुलिस को विधिक कार्रवाई करने के लिए पत्र भेजा गया।
इस प्रकरण के आधार पर पुलिस ने इंतजामिया कमेटी के दोनों सदस्यों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132 (सरकारी कार्य में बाधा), 352 (आपराधिक बल) और 351(2) के तहत केस दर्ज किया है। संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि आरोपियों की तलाश जारी है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज, मौके के बयान और ASI अधिकारियों के लिखित प्रतिवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
इस विवाद के बाद शहर में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संरक्षित और ऐतिहासिक धरोहरों से जुड़े निरीक्षण में बाधा डालना कानूनन अपराध है और इसके लिए कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
















