हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 11 मई : 2025,
बांदा (उत्तर प्रदेश):
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से दिल दहला देने वाली एक खबर सामने आई है। अतर्रा कस्बे के आजाद नगर मोहल्ले में रहने वाले एक युवक ने घरेलू कलह के चलते पहले अपनी पत्नी और चार महीने के मासूम बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी और फिर खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना दो दिन तक कमरे में बंद रही और शनिवार दोपहर बदबू आने पर इसका खुलासा हुआ।
घटना का विवरण:
घटना कालिंजर थाना क्षेत्र के रामनगर निवासी जितेंद्र (23) की है, जो अहमदाबाद में मजदूरी करता था। वह कुछ समय से अतर्रा कस्बे के आजाद नगर मोहल्ले में किराए के मकान में पत्नी गौरा (20) और चार माह के बेटे बाबू के साथ रह रहा था। पुलिस जांच के अनुसार, गुरुवार रात जितेंद्र ने पहले चाकू से गौरा का गला रेत दिया और फिर बेटे बाबू की भी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद फांसी लगाकर जान दे दी।
शनिवार को कमरे से बदबू आने पर मकान मालिक रामकुमार प्रजापति ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां तीनों के शव मिले।
कमरे में संघर्ष के संकेत:
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या से पहले गौरा ने जान बचाने के लिए संघर्ष किया था। कमरे में बिखरा हुआ सामान, गिरे हुए पानी के ड्रम, फैले हुए कपड़े और चूल्हा इस बात की गवाही दे रहे थे कि गौरा ने जान बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सकी।
मौके से खून से सना चाकू भी बरामद हुआ है, जिससे गौरा की हत्या की गई थी।
सुसाइड नोट से खुलासा:
पुलिस को मृतक जितेंद्र का एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने अपनी सास ममता देवी और ससुर सवलिया पर प्रताड़ना और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया है। उसने लिखा कि वह बहुत परेशान था और उसे कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था। हालांकि क्षेत्राधिकारी प्रवीण कुमार यादव का कहना है कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, बल्कि जितेंद्र ने यह बातें मोबाइल पर अपने भाई को लिखकर भेजी थीं, जिसकी कॉपी पुलिस के पास है।
घरेलू हिंसा का पुराना रिकॉर्ड:
जितेंद्र और गौरा की शादी अप्रैल 2024 में हुई थी। शादी के बाद से ही दोनों के बीच झगड़े होते रहे थे। गौरा की मां ममता देवी के अनुसार, शादी के बाद जितेंद्र लगातार दहेज की मांग करता रहा और बेटी को प्रताड़ित करता था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जितेंद्र ने शादी के बाद बाइक की मांग की थी।
जितेंद्र के भाई गोविंद ने बताया कि जितेंद्र गुस्सैल प्रवृत्ति का था और अक्सर पत्नी से मारपीट करता था। घरवालों ने दोनों को झगड़ों की वजह से अलग रहने को कह दिया था। इसके बाद से दोनों अतर्रा में किराए पर रह रहे थे।
फोन और फोरेंसिक जांच:
पुलिस ने जितेंद्र, गौरा, गोविंद और ममता के कुल चार मोबाइल फोन कब्जे में लिए हैं। फोरेंसिक टीम ने मोबाइल्स को सील कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मोबाइल चैट्स और कॉल रिकॉर्ड्स के आधार पर आगे की जांच की जाएगी।
कोई अवैध संबंध नहीं, आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर:
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के अनुसार, प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार के अवैध संबंध का कोई संकेत नहीं मिला है। यह परिवार बेहद गरीब और मजदूर तबके से संबंध रखता है। जितेंद्र के पिता रामनगर गांव में मजदूरी करते हैं और मृतका गौरा का परिवार भी भूमिहीन है।
फिलहाल जांच जारी:
पुलिस ने मृतक के परिजनों और मृतका की मां से पूछताछ की है। फिलहाल इस दिल दहला देने वाली घटना की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। फोरेंसिक रिपोर्ट और मोबाइल डेटा के आधार पर ही सच्चाई सामने आएगी।
















