बैंक ऑफ बडौदा घोटाला: ग्राहकों का गुस्सा फूटा, पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
Lucknow:हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: बैंक ऑफ बडौदा में करोड़ों रूपए के घोटाले को लेकर ग्राहकों का गुस्सा अब उफान पर है। बैंक में हुई कथित अनियमितताओं के बाद पुलिस ने कुछ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया, लेकिन मुख्य आरोपितों तक पहुंच न पाने से ग्राहकों का भरोसा झकझोर गया है।
पुलिस गिरफ्तारी, पर मुख्य आरोपितों की खोज अधूरी
बैंक मित्र शिवा राव और पूर्व सिक्योरिटी गार्ड दीपक को गिरफ्तार किया गया, जिनसे पूछताछ के दौरान कई अहम राज सामने आए। हालांकि, ग्राहकों का कहना है कि इन गिरफ्तारियों के बाद भी मुख्य आरोपितों तक पुलिस नहीं पहुंच पाई, जिससे यह मामला और पेचीदा हो गया है।
बैंक मैनेजर पर उठे गंभीर सवाल
घटित घटनाओं के अनुसार, बैंक में काम कर रहे दीपक ने बताया कि गिरफ्तारी से एक दिन पहले बैंक मैनेजर ने उन्हें शिवा राव पर जिम्मेदारी डालने के लिए लिखित आवेदन तैयार कराया। ग्राहकों का आरोप है कि बैंक मैनेजर की भूमिका संदिग्ध है और वह मुख्य आरोपितों को बचाने की कोशिश कर रहा है।
पूछताछ में खुला कई राज
पुलिस के सामने दीपक और शिवा राव ने कई अहम जानकारियाँ उजागर कीं। इस दौरान, वादी मुकदमें में बैंक के 11 कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध बताई गई थी। इसके बावजूद, मुख्य आरोपी पकड़ में नहीं आए, जिससे ग्राहकों में नाराजगी और बढ़ गई है।
ग्राहकों का गुस्सा और बवाल
ग्राहकों ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई से उनका भरोसा टूट गया है। बैंक प्रबंधन पर आरोप हैं कि वह अपने कर्मचारियों की गड़बड़ी को छुपाने की कोशिश कर रहा है। इस मामले में अब ग्राहकों ने जमकर बवाल किया और न्याय की मांग की।
इस पूरे घोटाले ने बैंक की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है और अधिकारियों पर दबाव बढ़ा दिया है कि जल्द से जल्द मुख्य आरोपितों तक पहुंचकर न्याय दिलाया जाए।
















