हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
अलीगढ़ मंडल में 4599 आवेदन खारिज, 2354 युवा अब भी लोन के इंतजार में
अलीगढ़,।
शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा उद्यमी योजना) को बैंकों की मनमानी ने गहरी चोट पहुंचाई है। हालात यह हैं कि योजना के तहत युवाओं द्वारा किए गए लोन आवेदन बैंक की चौखट पर ही ढेर हो रहे हैं। बैंकों द्वारा अजब-गजब और तर्कहीन कारण बताकर आवेदन निरस्त किए जा रहे हैं, जिससे हजारों युवाओं का स्वरोजगार का सपना टूट रहा है।
बैंकों की मनमानी से बढ़ी परेशानी
अलीगढ़ मंडल में बीते दिनों 4599 लोन आवेदन बैंकों द्वारा निरस्त कर दिए गए हैं। वहीं अलीगढ़, हाथरस, एटा और कासगंज जिलों में 2354 आवेदक ऐसे हैं जो अभी भी लोन स्वीकृति का इंतजार कर रहे हैं। इनमें सबसे अधिक लंबित आवेदन भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पास हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और यस बैंक ने इस पूरे वित्तीय वर्ष में अब तक एक भी लोन स्वीकृत नहीं किया है।
गलत कारणों से आवेदन खारिज
जिला उद्योग केंद्र की जांच में सामने आया है कि विभिन्न बैंक शाखाओं द्वारा अब तक 1578 आवेदन निरस्त किए गए, जिनमें करीब 70 प्रतिशत आवेदन गलत और अनुचित कारणों से खारिज पाए गए। कहीं आवेदक के घर की दूरी को कारण बनाया गया, तो कहीं बचत खाता दूसरी शाखा में होने पर आवेदन ठुकरा दिया गया।
युवाओं के सपनों पर कुठाराघात
उमेश कुमार ने हार्डवेयर कारोबार के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा में आवेदन किया, जिसे यह कहकर खारिज कर दिया गया कि उनका घर शाखा से डेढ़ किलोमीटर दूर है।
अनुज कुमार का ऑनलाइन प्रिंटिंग वर्क्स का आवेदन SBI ने यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि पहले स्टार्टअप शुरू करें, फिर लोन मिलेगा।
फरजाना का ई-रिक्शा सर्विस सेंटर का आवेदन सिर्फ इसलिए ठुकरा दिया गया क्योंकि उनका सेविंग अकाउंट दूसरी शाखा में था। वहीं सलीमुद्दीन का आवेदन बिना कोई कारण बताए ही निरस्त कर दिया गया।
अधिकारियों का आश्वासन
संयुक्त आयुक्त उद्योग वीरेंद्र कुमार ने बताया कि गलत आधार पर निरस्त सभी आवेदनों की दोबारा स्क्रूटनी कराई जाएगी और उन्हें पुनः संबंधित बैंकों को भेजा जाएगा।
जनपदवार लंबित आवेदन
- अलीगढ़: 746
- एटा: 1126
- हाथरस: 258
- कासगंज: 224
















