हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
मसौदा जारी, 14 अप्रैल तक मांगे गए सुझाव
नई दिल्ली। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आईटी नियमों में बड़े बदलाव का मसौदा जारी किया है। सोमवार को जारी इस ड्राफ्ट पर 14 अप्रैल तक आम जनता और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे गए हैं। प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और उनसे जुड़े यूजर्स पर सरकारी निर्देशों को अधिक प्रभावी और कानूनी रूप से मजबूत बनाना है।
इनफ्लुएंसर्स और यूजर्स की निगरानी बढ़ेगी
मसौदे के अनुसार, अब सोशल मीडिया पर न्यूज और करंट अफेयर्स से जुड़े कंटेंट को कड़ी निगरानी के दायरे में लाया जाएगा। सरकार को यह अधिकार दिया जाएगा कि वह सोशल मीडिया यूजर्स और इनफ्लुएंसर्स द्वारा पोस्ट किए गए समाचार सामग्री की निगरानी कर सके। इतना ही नहीं, आवश्यकता पड़ने पर ऐसे कंटेंट को हटाने का आदेश भी जारी किया जा सकेगा।
प्लेटफॉर्म्स के लिए नियमों का पालन अनिवार्य
प्रस्ताव में यह स्पष्ट किया गया है कि सोशल मीडिया कंपनियों को मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। यदि कोई प्लेटफॉर्म इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इससे कंपनियों की जवाबदेही और बढ़ेगी।
न्यूज कंटेंट पर खास फोकस
सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) द्वितीय संशोधन नियम, 2026 के तहत विशेष रूप से न्यूज और करंट अफेयर्स से जुड़े कंटेंट को नियंत्रित करने पर जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं पर लगाम लगाई जा सकेगी।
आम यूजर्स भी आएंगे दायरे में
इन नए नियमों के लागू होने के बाद केवल बड़े मीडिया हाउस या इनफ्लुएंसर्स ही नहीं, बल्कि आम सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा साझा किए गए न्यूज कंटेंट भी निगरानी के दायरे में आएंगे। इससे सोशल मीडिया पर सूचना साझा करने की प्रक्रिया अधिक जिम्मेदार बन सकती है।
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