उधमपुर/श्रीनगर,।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ जारी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। उधमपुर जिले के बसंतगढ़ इलाके में चलाए गए ‘ऑपरेशन KIYA’ के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के शीर्ष कमांडर समेत दो पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया गया। यह ऑपरेशन मंगलवार शाम गांव किया के घने जंगलों में अंजाम दिया गया, जहां आतंकियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी।

जंगलों में चला संयुक्त अभियान
सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलते ही सेना और सुरक्षाबलों ने संयुक्त रणनीति के तहत इलाके को घेर लिया। इस अभियान में सीआरपीएफ, व्हाइट नाइट कोर, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमें शामिल रहीं। चारों ओर से घेराबंदी के बाद आतंकियों पर सीधा हमला किया गया।
20 मिनट तक चली भीषण मुठभेड़
घेराबंदी के दौरान आतंकियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षाबलों की सतर्कता और सटीक कार्रवाई के चलते दोनों आतंकियों को ढेर कर दिया गया। करीब 20 मिनट तक चली फायरिंग में जैश का शीर्ष कमांडर रुबानी उर्फ अबु माविया मारा गया, जो कई वर्षों से इस क्षेत्र में सक्रिय था और कई आतंकी वारदातों में उसकी संलिप्तता बताई जा रही है।
इलाके में हाई अलर्ट, तलाशी जारी
ऑपरेशन के बाद भी सुरक्षाबलों ने इलाके में निगरानी बनाए रखी है। रामनगर, बसंतगढ़ और बिलावर के जंगलों में अभी भी कुछ आतंकियों की मौजूदगी की आशंका जताई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त बलों की तैनाती कर तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने ऑपरेशन के दौरान अपनाई गई रणनीति, पेशेवर समन्वय और क्षेत्रीय नियंत्रण की सराहना की है।
पहले भी हो चुकी है मुठभेड़
गौरतलब है कि इससे पहले 31 जनवरी को किश्तवाड़ के जंगलों में हुए एक ऑपरेशन में तीन जवान घायल हुए थे, जबकि एक आतंकी को मार गिराया गया था। बसंतगढ़ के जंगल किश्तवाड़ जिले तक फैले होने के कारण यह क्षेत्र आतंकियों के लिए संवेदनशील माना जाता है।
सुरक्षाबलों का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ अभियान पूरी मजबूती से जारी रहेगा और क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।













