हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
शुक्रवार को देश की तीन प्रमुख जगहों—दिल्ली, मुंबई और बिहार—में बम धमकी की घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया। ईमेल और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अदालतों और सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाए जाने की धमकी दी गई, हालांकि अब तक कोई विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है।
सबसे पहले दिल्ली हाईकोर्ट को एक ईमेल मिला जिसमें दावा किया गया कि जजों के चैंबर और परिसर में बम लगाए गए हैं। संदेश में पाकिस्तान और तमिलनाडु की मिलीभगत का भी उल्लेख था। तुरंत ही दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने कोर्ट परिसर की घेराबंदी कर तलाशी ली। जजों, कर्मचारियों और आगंतुकों को बाहर निकाल दिया गया और घंटों जांच के बाद भी कुछ नहीं मिला।
इसके बाद मुंबई हाईकोर्ट को भी धमकी ईमेल मिला। पुलिस ने परिसर खाली कराया और बम निरोधक दस्ते ने जांच शुरू की। जजों, वकीलों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इलेक्ट्रॉनिक स्कैनिंग और मेटल डिटेक्टर का इस्तेमाल किया गया और इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए।
इसी बीच बिहार में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई जिसमें 12 सितंबर को शाम 4 बजे धमाका करने की धमकी दी गई। इससे पूरे राज्य में हड़कंप मच गया। पुलिस ने साइबर सेल को अकाउंट की लोकेशन ट्रेस करने का आदेश दिया और रेलवे स्टेशन व बस अड्डों पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी।
ये धमकियां हाल ही में पकड़े गए पांच आईएसआईएस मॉड्यूल से भी जोड़ी जा रही हैं। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि यह जनता में डर फैलाने की कोशिश है। हालांकि जांच में अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है और संभावना जताई जा रही है कि यह शरारती तत्वों की करतूत हो सकती है।
सुरक्षा एजेंसियों ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और भरोसा रखें कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।













