हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: शनिवार 28 जून 2025
एटा। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय में तैनात बाबू जितेंद्र प्रताप सिंह तोमर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में विजिलेंस विभाग ने केस दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि उन्होंने अपनी वैध आय से करीब 50.67 लाख रुपये अधिक खर्च किए हैं, जिसके संतोषजनक स्रोत नहीं बता सके।
आगरा सेक्टर के विजिलेंस थाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1) के तहत उनके विरुद्ध मामला पंजीकृत किया गया है। एसपी विजिलेंस आलोक शर्मा ने बताया कि जितेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ वर्ष 2023 में शिकायत प्राप्त हुई थी, जिस पर शासन ने 6 मार्च 2023 को खुली जांच के आदेश दिए थे।
जांच में क्या सामने आया?
जांच के अनुसार, बाबू के रूप में कार्यरत जितेंद्र प्रताप सिंह ने अब तक की सेवा अवधि में कुल 94,30,527 रुपये की वैध आय अर्जित की, जबकि उनके द्वारा 1,44,98,366 रुपये का खर्च किया गया। इस प्रकार, उन्होंने 50,67,839 रुपये अपनी आय से अधिक खर्च किए, जिसकी कोई वैध जानकारी वह नहीं दे सके।
नियुक्ति और स्थानांतरण का ब्यौरा:
- 2000: डायट में बाबू पद पर पहली तैनाती
- 2005: बीएसए एटा कार्यालय में तैनाती
- 2012: बीएसए कासगंज कार्यालय में नियुक्ति, शिकायतों के बाद हटाए गए
- 2013: राजकीय बालिका इंटर कॉलेज लालगढ़ी में तैनात
- 2014: पुनः बीएसए कासगंज कार्यालय में संबद्ध
- 2017: बीएसए एटा कार्यालय में फिर से नियुक्ति
- 2022 से वर्तमान: राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, रामनगर में तैनात
परिवार से ही हुई शिकायत
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2019-20 में उनके ताऊ योगेंद्र पाल सिंह ने ही उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद विजिलेंस आगरा द्वारा विस्तृत जांच की गई, जिसके आधार पर 17 मार्च 2025 को शासन को रिपोर्ट सौंपी गई। अब विजिलेंस थाना आगरा में विधिवत मुकदमा दर्ज किया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।