हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
आदेश को लेकर भ्रम, अधिकारी बोले—निर्देश नहीं मिले
अलीगढ़ में प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर स्थिति लगातार उलझती जा रही है। एक ओर शासन स्तर पर प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता खत्म करने की चर्चाएं चल रही हैं, वहीं स्थानीय बिजली विभाग के अधिकारियों के पास इस संबंध में कोई स्पष्ट आदेश नहीं है। अधीक्षण अभियंता अंशुमान यादव ने बताया कि प्रीपेड से पोस्टपेड मीटर में बदलाव को लेकर उन्हें कोई लिखित निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए इस पर कार्रवाई संभव नहीं है। इस असमंजस का सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है, जो लगातार शिकायतें दर्ज करा रहे हैं।
बढ़ती शिकायतें और तकनीकी समस्याएं
जिले में अब तक करीब 3.15 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 3 लाख से अधिक प्रीपेड मोड में हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल में अचानक वृद्धि हुई है। कई लोगों ने शिकायत की है कि रिचार्ज कराने के बावजूद बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। एक उपभोक्ता ने बताया कि सोलर पैनल और बिल भुगतान के बावजूद उसका कनेक्शन काट दिया गया। वहीं, पोस्टपेड में बदलाव के अनुरोध भी आदेश के अभाव में खारिज किए जा रहे हैं।
चेक मीटर और राजस्व वसूली अभियान तेज
अधिक बिल की शिकायतों के चलते विभाग ने 74 हजार से अधिक चेक मीटर लगाए हैं, ताकि वास्तविक खपत का आकलन किया जा सके। दूसरी ओर, बकाया वसूली अभियान भी तेज कर दिया गया है। बुधवार को 8751 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए, जिन पर 0.76 करोड़ रुपये बकाया था। शाम तक 3759 उपभोक्ताओं ने भुगतान कर आपूर्ति बहाल कराई, जिससे 0.55 करोड़ रुपये की वसूली हुई।
लाखों कनेक्शन काटे, करोड़ों की वसूली
13 मार्च से चल रहे अभियान के तहत अब तक 1,22,611 कनेक्शन काटे जा चुके हैं। इनमें से 99,303 उपभोक्ताओं ने बकाया जमा कर कनेक्शन दोबारा चालू करा लिया है। कुल 35.94 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है, जबकि 23,308 उपभोक्ताओं से जल्द भुगतान की अपील की गई है।
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