हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 3 मई : 2025,
धार्मिक पहचान के आधार पर की गई हत्या धर्म युद्ध का संकेत: शंकराचार्य
जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले को लेकर देश भर में आक्रोश है। इस हमले में श्रद्धालुओं को उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाया गया, जिसके बाद देश भर में श्रद्धांजलि और समर्थन की लहर फैल गई है। इसी क्रम में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने केदारनाथ धाम से एक भावुक और विचारोत्तेजक बयान दिया है।
“हम हिंदू हैं, मारना है तो मार दो”: शंकराचार्य का साहसिक वक्तव्य
शंकराचार्य ने श्रद्धालुओं के अदम्य साहस की प्रशंसा करते हुए कहा,
“हमें गर्व है कि मृत्यु सामने देखते हुए भी हमारे लोगों ने कहा कि हम हिंदू हैं। हम भी कह रहे हैं कि हम हिंदू हैं, मारना चाहो तो मार दो।”
उन्होंने आगे कहा कि हिंदू धर्म में मृत्यु का भय नहीं होता क्योंकि पुनर्जन्म की अवधारणा है और धर्म के लिए मृत्यु को हुतात्मा का दर्जा दिया जाता है।
“जो धर्म युद्ध में मरता है, उसे सिद्ध गति मिलती है”
केदारनाथ धाम में दिए गए अपने बयान में शंकराचार्य ने कहा:
“जो धर्म युद्ध में अभिमुख होकर मारा जाता है, वह उस गति को प्राप्त करता है, जिसे बड़े-बड़े योगी भी नहीं पा सकते।”
उन्होंने इस हमले में मारे गए श्रद्धालुओं को हुतात्मा बताया और कहा कि वे धार्मिक कर्तव्य के मार्ग पर थे, इसलिए उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होगी।
केदारनाथ में की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में जाकर मृतकों की आत्मा की शांति और उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने के लिए भगवान केदार से विशेष प्रार्थना की।
उन्होंने कहा:
“हमने भगवान केदार से मारे गए लोगों के परिजनों के लिए सांत्वना और धैर्य की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की है। साथ ही जो हुतात्मा मारे गए, उनके मोक्ष के लिए भी हमने प्रार्थना की।”
यह घटना देश की साम्प्रदायिक सहिष्णुता पर एक गंभीर चोट है। श्रद्धालुओं की शहादत को श्रद्धांजलि और उनके परिवारों को न्याय की प्रतीक्षा है।
















