हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 7 मई : 2025,
अलीगढ़, 07 मई 2025:
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय एवं उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के संयुक्त तत्वावधान में जनपद अलीगढ़ के कलैक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला प्रशासन तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
इस बैठक का उद्देश्य था— ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन, रोजगार सृजन, महिला एवं युवा सशक्तिकरण, कौशल विकास, वित्तीय समावेशन तथा समेकित ग्रामीण विकास कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा और उनमें प्रभावशीलता लाने हेतु विभागीय समन्वय को और अधिक सशक्त बनाना।
महिला समूहों के विस्तार पर दिया गया विशेष जोर
बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) प्रखर कुमार सिंह ने कहा कि ग्रामीण विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्देशित किया कि स्वयं सहायता समूहों को अधिक सक्रिय करते हुए उन्हें वित्तीय, तकनीकी एवं विपणन के क्षेत्र में व्यापक सहयोग प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा,
“इन समूहों को सशक्त बनाकर हम न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधार सकते हैं, बल्कि उन्हें सामाजिक सम्मान और आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर कर सकते हैं।”

ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निदेशक श्री रमन वाधवा ने भी इस दिशा में सकारात्मक पहल पर जोर देते हुए कहा,
“महिला आजीविका संवर्धन हेतु समूहों को विशेष प्रशिक्षण, वित्तीय समावेशन, विपणन सुविधाएं और उद्यमिता विकास के अवसर प्रदान किए जाएं। योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यही हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।”
ग्रामीण युवाओं, भूमिहीनों एवं किसानों को योजनाओं से जोड़ने पर चर्चा
बैठक में एक महत्वपूर्ण बिंदु यह रहा कि अब तक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से जो उपलब्धियां हासिल कर रही थीं, अब उस दायरे को विस्तारित कर युवाओं, भूमिहीनों एवं छोटे-मझोले किसानों को भी इससे जोड़ा जाएगा। यह वर्ग आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक रूप से सशक्त होकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन सकता है।

प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम ग्रामीण विकास के सभी पहलुओं—कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, कुटीर उद्योग, कौशल विकास, स्वरोजगार आदि को एकीकृत रूप से विकसित करें।
विभागीय समन्वय पर विशेष बल
बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगामी रणनीतियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। सभी ने सहमति जताई कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है जब विभागीय समन्वय मजबूत हो और जमीनी स्तर पर कार्य सघन रूप से हो।

प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति:
इस बैठक में निम्न प्रमुख अधिकारियों की भागीदारी रही:
- रमन वाधवा, निदेशक, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार
- विवेक कुंज, नेशनल मिशन मैनेजर
- सौरभ राय, अनिल कुमार, संजीव जोसफ, श्री प्रकाश
- सुधा देवी शुक्ला, संयुक्त मिशन निदेशक
- सत्यजीत शुक्ला, राज्य मिशन प्रबंधक
- अजय कुशवाहा, लीड मॉडल सीएलएफ
- भाल चन्द त्रिपाठी, परियोजना निदेशक, डीआरडीए
- बीरेंद्र कुमार, संयुक्त आयुक्त उद्योग
- यशराज, उप कृषि निदेशक (प्रसार)
- दिवाकर त्रिपाठी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
- प्रियंका आर्या, सहायक निदेशक मत्स्य
- दीनानाथ, सहायक आयुक्त खाद्य
- के.के. राय, जिला कार्यक्रम अधिकारी
- बी.के. तिवारी, खंड विकास अधिकारी, टप्पल
- समस्त जिला एवं ब्लॉक मिशन प्रबंधक
- अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण
भविष्य की रणनीति
बैठक के अंत में अधिकारियों ने एकमत होकर यह संकल्प लिया कि वे मिलकर ग्रामीण भारत को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक रूप से सशक्त बनाएंगे। योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाना और स्वरोजगार आधारित आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ठोस कार्यवाही करना ही इस बैठक का मुख्य उद्देश्य रहा।
















