रूल ऑफ लॉ सोसायटी के तत्वावधान में आयोजित हुआ कार्यक्रम, विशेषज्ञों ने बताए मध्यस्थता व सुलह के लाभ
हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी के मुक्ताकाश मंच पर रूल ऑफ लॉ सोसायटी के तत्वावधान में “विवादों का निपटारा न्यायालय के बाहर” विषय पर विधिक सेमिनार का आयोजन प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक किया गया। सेमिनार का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों के बोझ को कम करने के लिए वैकल्पिक विवाद निवारण तंत्र के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

सेमिनार की अध्यक्षता एवं शुभारंभ:
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रांतीय उपाध्यक्ष रवी प्रकाश सारस्वत ने की। शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता गोविंद चंद्र सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता राधेश्याम पाराशर, गोकुलेश चंद्र सिन्हा, इंजीनियर टिल्लू पंडित, प्रीति वार्ष्णेय, एडवोकेट अनुप मिश्रा, हेमलता गुप्ता, डॉ. दीक्षा सिंह, लाल सिंह, राकेश कुमार एवं अनिल वर्मा मौजूद रहे।
वक्ताओं ने रखे विचार:
सेमिनार में अपने विचार रखते हुए संयोजक वरिष्ठ अधिवक्ता गोविंद चंद्र सिंह ने कहा कि न्यायालयों में मामलों के निस्तारण में अत्यधिक विलंब होता है। ऐसी स्थिति में आर्बिट्रेशन, मेडिएशन और कंसिलिएशन जैसे वैकल्पिक माध्यमों से विवादों का समाधान किया जाए तो पक्षकारों को शीघ्र, सुलभ एवं कम खर्च में न्याय मिल सकता है। उन्होंने बताया कि सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 89 में इस संबंध में प्रावधान किया गया है तथा केंद्र सरकार ने आर्बिट्रेशन पैनल स्थापित करने की घोषणा भी की है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां:
सेमिनार के मुख्य अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता राधेश्याम पाराशर रहे। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। स्वर साधना द्वारा गायक अनिल वर्मा के संचालन में देशभक्ति एवं शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति दी गई। डॉ. दीक्षा सिंह के गायन और हेमलता गुप्ता के काव्य पाठ ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। अनिल वर्मा ने गुरु वंदना प्रस्तुत की।

सम्मान एवं आभार:
डॉ. दीक्षा सिंह को “बेस्ट सिंगर ऑफ द ईयर अलीगढ़ कोकिला अवार्ड” से सम्मानित किया गया, जबकि बाल संगीतकार व गायक प्रतीक यादव को बेस्ट बाल संगीतकार सम्मान प्रदान किया गया। नंदिनी सैनी सहित अन्य कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के अंत में संयोजक जी.सी. सिन्हा ने सभी अतिथियों एवं सहभागियों का आभार व्यक्त किया।
















