मायावती ने की घोषणाः बसपा अकेले ही लड़ेगी चुनाव,
बसपा प्रमुख ने राहुल, अखिलेश, चंद्रशेखर पर भी साधा निशाना,
लखनऊ में बने स्मारकों को लेकर योगी सरकार को दिया धन्यवाद,
लखनऊ, हिन्दुस्तान मिरर न्यूज। बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि बसपा अकेले ही वर्ष 2027 का विधान सभा चुनाव लड़ेगी। सभी धर्मों के लोगों को एक दूसरे के धार्मिक नियमों का सम्मान करना चाहिए। लेकिन कुछ लोग इसकी आड़ में आई लव की राजनीति कर माहौल खराब कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने पूरे एक घंटे तक दिए धारा प्रवाह भाषण में बगैर नाम लिए कांग्रेस के राहुल गांधी, सपा के अखिलेश यादव और आजाद समाज पार्टी के चन्द्रशेखर पर भी निशाना साधा। हालांकि उन्होंने बसपा सरकार समय में बनाए गए स्मारक स्थलों के विकास और रख-रखाव पर पूरी तरह से ध्यान देने पर योगी सरकार को धन्यवाद भी दिया।
राहुल गांधी करते हैं नौंटकी
बसपा सुप्रीमो मायावती ने पूरे नौ साल बाद गुरुवार को लखनऊ में जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। विशाल रैली में उन्होंने कांग्रेस के नेता राहुल गांधी का बिना नाम लिए निशाना साधते हुए कहा कि वह संविधान की किताब हाथ में लेकर चलते हैं। लेकिन सबसे अधिक मखौल संविधान का उन्होंने ही उड़ाया है। यहां तक कांग्रेस ने डा.आम्बेडकर को लोकसभा चुनाव हरवा दिया, जिससे वह संसद में नहीं पहुंच पाएं। मंडल आयोग की कमीशन की रिपोर्ट पर कहा कि जब तक कांग्रेस की सरकार रही, तब तक पिछड़े वर्ग के लिए 27 फीसदी आरक्षण की रिपोर्ट को दबाए रखा गया। लेकिन इस रिपोर्ट को वीपी सिंह की सरकार ने लागू किया। आज कांग्रेस और उसके नेता किस मुंह से दलित, पिछड़ों और संविधान की बात करते हैं। राहुल गांधी नौटंकी अधिक करते हैं।
जिससे भी मिलती हूं, खुलकर मिलती हूं।
उन्होंने आजम खां के मुद्दे पर कहा कि वह जिससे भी मिलतीं है खुलकर मिलती हैं। लेकिन उनकी तरह अकेले में मुलाकात नहीं करतीं। साथ ही सपा सरकार द्वारा सरकार के समय दलितों को मिलने वाले प्रमोशन में आरक्षण को खत्म करने को भी याद दिलाया।सपा ने हमेशा पक्षपात किया। गुंडो और माफियाओं को बढ़ावा दिया। कानून व्यवस्था बदहाल कर दी थी थी। बसपा ने जो भी बहुजन के लिए योजनाएं शुरू कराईं थीं, उन्हें सपा सरकार में बंद कर दिया गया था। गौरतलब है कि पिछले दिनों अफवाह उड़ी थी कि मायावती से दिल्ली में आजम खां ने मुलाकात की है।
चंद्रशेखर को बताया बिकाऊ
उन्होंने बगैर नाम लिए आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर पर भी निशाना साधा। कहा कि जब 2007 में बसपा की पूरे बहुमत से सरकार आ गई तो कांग्रेस, सपा, कांग्रेस और भाजपा बैचेनी हो गई। सभी ने मिलकर कुछ संगठन खड़े कर दिए। दलित समाज के बिकाऊ एकाध नेता को समथर्न देकर यह दल अंदर ही अंदर जितवा भी रहे हैं।
दलित-पिछड़ों का हो रहा उत्पीड़न
मायवती ने भाजपा को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जातिवादी पार्टी ने दलित और पिछड़ों का उत्पीड़न बंद नहीं किया है। उद्घाटन शिलान्यास कार्यक्रम तो बहुत हो रहे हैं, लेकिन जनता को कुछ नहीं मिल रहा है। इसके लिए बसपा को विधान सभा चुनावों में जिताना जरूरी है। सपा, कांग्रेस और भाजपा के लोग बसपा के रोकने के लिए तमाम हथकंडे अपनाएंगे, लेकिन रोकना जरूरी है। बीते दिनों चुनाव में किस्म-किस्म के हथकंडे लगाकर उन्हें हरवाया गया। इसलिए हमें इनसे बहुत सावधान रहना होगा।
0-भतीजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाने का किया ऐलान
बसपा मुखिया मायावती भतीजे आकाश आनंद के साथ मंच पर पहुंची। उन्होंने हाथ हिलाकर विशाल जन समूह का अभिवादन किया। साथ ही भतीजे आकाश आनंद को बसपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाने का भी ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने संस्थापक अध्यक्ष कांशीराम की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान रैली को संबोधित करते हुए भतीजे आकाश आनंद ने कहा कि जिस तरह भीड़ उमड़ रही है, उससे तय है कि वर्ष 2027 में पांचवी बार यूपी में बसपा की सरकार बनना तय है।













