शिरूर पुलिस और पुणे एलसीबी की संयुक्त कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस सिस्टम के भीतर रहकर चला रहा था ड्रग्स नेटवर्क
हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: पुणे।
शिरूर पुलिस और पुणे स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक बड़े ड्रग्स तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुणे-अहिल्यानगर सीमावर्ती इलाके में की गई इस कार्रवाई में करीब 20 करोड़ रुपये मूल्य के 10 किलो एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स जब्त किए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे तस्करी नेटवर्क का मुख्य आरोपी अहिल्यानगर एलसीबी में तैनात एक पुलिस हवलदार ही निकला।
इस मामले में शाम सुंदर गुजर (निवासी- नेप्ती, तहसील नगर, जिला अहिल्यानगर), जो वर्तमान में अहिल्यानगर एलसीबी में पुलिस हवलदार के पद पर कार्यरत है, को मुख्य तस्कर बताया गया है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। वहीं ड्रग्स की सप्लाई करने वाले माऊली शिंदे (निवासी- कोहकड़ी, तहसील पारनेर) को भी हिरासत में लिया गया है। इससे पहले शिरूर निवासी शबाब शेख की गिरफ्तारी हो चुकी थी। अब तक इस प्रकरण में कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
आधी रात की कार्रवाई से खुला राज
जानकारी के अनुसार, शनिवार 17 तारीख की आधी रात को शिरूर पुलिस ने बाबूराव नगर इलाके में छापा मारकर 2 करोड़ 10 लाख रुपये मूल्य का मेफेड्रोन बरामद किया था। इस दौरान शबाब शेख को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में शेख से मिली अहम जानकारी के आधार पर पुणे एलसीबी और शिरूर पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए पुणे-अहिल्यानगर सीमा से सटे कुरुंद गांव में छापेमारी की, जहां से 10 किलो एमडी ड्रग्स बरामद की गई।
युवाओं तक पहुंच रहा था नशे का जाल
पुलिस जांच में सामने आया है कि हवलदार शाम सुंदर गुजर इस नेटवर्क का प्रमुख वितरक था। माऊली शिंदे के माध्यम से ड्रग्स ग्रामीण इलाकों में भेजी जाती थी, जबकि शबाब शेख और उसके सहयोगियों के जरिए यह नशीला पदार्थ कॉलेज और महाविद्यालयीन युवाओं तक पहुंचाया जा रहा था।
वर्दी की आड़ में अपराध
जांच में यह भी उजागर हुआ है कि आरोपी हवलदार पुलिस व्यवस्था के भीतर रहते हुए तस्करी को संरक्षण, गोपनीय जानकारियां और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहा था। पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।













