हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
कृष्णांजलि नाट्यशाला में धन्वंतरी वंदना के साथ हुआ शुभारंभ
अलीगढ़। नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) अलीगढ़ द्वारा आयोजित 59वाँ ‘नीमाकॉन स्वास्थ्य सम्मेलन 2026’ का शुभारंभ कृष्णांजलि नाट्यशाला में भगवान श्री धन्वंतरी की वंदना के साथ विधिवत रूप से किया गया। सम्मेलन का आह्वान नीमा अध्यक्ष डॉ. मेराज अली ने किया। कार्यक्रम की जानकारी मीडिया प्रभारी डॉ. दीपक सक्सेना ने दी।

चिकित्सा जगत के दिग्गजों की मौजूदगी से यादगार बना सम्मेलन
सम्मेलन में चिकित्सा जगत के दिग्गजों के समागम ने नीमाकॉन को ऐतिहासिक और यादगार बना दिया। मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश एवं पद्मश्री प्रोफेसर हकीम सैयद ज़िल्लूर रहमान उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी श्री नरेंद्र कुमार, मोहम्मद खालिद, वैद्य गोपाल दत्त, डॉ. सौरभ नायक तथा डॉ. अंकुर सिंघल शामिल रहे। इसके साथ ही अलीगढ़ के समस्त आयुर्वेदिक एवं यूनानी मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपल्स ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

डिबेट बना सम्मेलन का मुख्य आकर्षण
स्वास्थ्य सम्मेलन का मुख्य आकर्षण डिबेट विषय रहा— “क्या प्राचीन ज्ञान आधुनिक स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान कर सकता है?”। इस विषय पर विभिन्न मेडिकल कॉलेजों से आए छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्रों के तार्किक विचार, आत्मविश्वास और प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। निर्णायक मंडल और उपस्थित दर्शकों ने प्रतिभागियों की बौद्धिक क्षमता की जमकर सराहना की।
मुख्य अतिथियों का प्रेरक संबोधन
मुख्य अतिथि पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश एवं पद्मश्री प्रोफेसर हकीम सैयद ज़िल्लूर रहमान ने अपने संबोधन में कहा कि आयुर्वेद एवं प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों में वह सामर्थ्य है, जो जटिल से जटिल आधुनिक रोगों का स्थायी समाधान दे सकती है। उन्होंने चिकित्सकों को अपनी-अपनी पद्धति में रहकर उपचार करने, अपनी जड़ों से जुड़े रहने और निरंतर शोध करने के लिए प्रेरित किया।
नीमा परिवार की सक्रिय सहभागिता
समारोह के दौरान नीमा परिवार के सभी चिकित्सकों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता निभाई। कार्यक्रम को सफल बनाने में नीमा अध्यक्ष डॉ. मेराज अली, सचिव डॉ. अमितेश गर्ग, संयोजक डॉ. देवेन्द्र कुमार, डॉ. दीपक सक्सेना, डॉ. शाहिद मलिक, डॉ. नुजहत, डॉ. रमित, डॉ. योगेश, डॉ. कुलदीप तथा नीमा महिला विंग की डॉ. काजल सिंह, डॉ. गौरी शर्मा और डॉ. अंजुम गुप्ता का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
















