नई दिल्ली।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को लगातार नौवां बजट पेश कर इतिहास रचने जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह उनका लगातार नौवां बजट होगा, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। इससे पहले किसी भी वित्त मंत्री ने एक ही प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लगातार इतने बजट पेश नहीं किए हैं। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनावों और घरेलू आर्थिक चुनौतियों के बीच पेश होने वाला यह बजट आर्थिक वृद्धि को गति देने वाला माना जा रहा है।
लगातार नौवां बजट, नया कीर्तिमान
प्रधानमंत्री मोदी ने 2019 में दूसरी बार सत्ता में लौटने के बाद निर्मला सीतारमण को देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री बनाया था। इसके बाद 2024 में तीसरी बार मोदी सरकार बनने पर भी वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी उन्हीं के पास रही। फरवरी 2024 में अंतरिम बजट सहित अब तक वह लगातार आठ बजट पेश कर चुकी हैं और अब नौवें बजट के साथ नया रिकॉर्ड कायम करेंगी।
लगातार सबसे अधिक बजट पेश करने का रिकॉर्ड अब उनके नाम दर्ज हो जाएगा, जो भारतीय संसदीय इतिहास में एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है।
मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड के करीब
निर्मला सीतारमण कुल बजटों की संख्या के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड के करीब पहुंच जाएंगी। मोरारजी देसाई ने विभिन्न अवधियों में कुल 10 बजट पेश किए थे। उन्होंने 1959 से 1964 के बीच छह और 1967 से 1969 के बीच चार बजट पेश किए थे। हालांकि, लगातार बजट पेश करने के मामले में सीतारमण का रिकॉर्ड अब सबसे आगे रहेगा।
अन्य दिग्गज वित्त मंत्रियों का योगदान
पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने अलग-अलग प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में कुल नौ बजट पेश किए थे। वहीं, प्रणब मुखर्जी ने अपने कार्यकाल में आठ बजट पेश किए। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पी.वी. नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री रहते हुए 1991 से 1995 के बीच लगातार पांच बजट पेश किए थे। इन सभी दिग्गजों के बीच निर्मला सीतारमण का नाम अब विशेष उपलब्धि के साथ दर्ज हो रहा है।
बजट से जुड़े ऐतिहासिक तथ्य
स्वतंत्र भारत का पहला आम बजट 26 नवंबर 1947 को देश के पहले वित्त मंत्री आर. के. शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था। बजट पेश करने की परंपरा में समय और तारीख दोनों में बदलाव हुआ है। पहले बजट शाम पांच बजे पेश होता था, जिसे 1999 में यशवंत सिन्हा ने बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया। वहीं, 2017 से बजट पेश करने की तारीख एक फरवरी तय की गई, ताकि एक अप्रैल से वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही बजट लागू हो सके।
सबसे लंबा और सबसे छोटा बजट भाषण
सबसे लंबे बजट भाषण का रिकॉर्ड भी निर्मला सीतारमण के नाम है। एक फरवरी 2020 को उनका बजट भाषण दो घंटे 40 मिनट तक चला था। वहीं, सबसे छोटा बजट भाषण 1977 में हिरूभाई मुल्जीभाई पटेल ने दिया था, जो केवल 800 शब्दों का था।
इस बार बजट से उम्मीदें
वैश्विक मंदी की आशंकाओं और घरेलू मांग को बढ़ाने की जरूरत के बीच इस बजट से सुधारवादी कदमों, निवेश प्रोत्साहन और रोजगार सृजन की उम्मीद की जा रही है। माना जा रहा है कि यह बजट न केवल आर्थिक दिशा तय करेगा, बल्कि सीतारमण के ऐतिहासिक कार्यकाल को भी नई पहचान













