नोएडा।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: सेक्टर-4 स्थित कैपिटल पावर सिस्टम्स लिमिटेड में 13 मार्च की सुबह लगी भीषण आग ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि 35 से अधिक लोग घायल हो गए। आग पर काबू पाने में दमकल विभाग को करीब तीन दिन का समय लग गया।

तीन दिन बाद बुझी आग, मची रही अफरा-तफरी
आग इतनी भयावह थी कि दमकल विभाग की कई गाड़ियों को लगातार तीन दिन तक मशक्कत करनी पड़ी। फैक्ट्री परिसर से उठती लपटों और धुएं ने आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बना दिया। प्रशासन को आसपास के क्षेत्रों में एहतियातन अलर्ट जारी करना पड़ा।
शॉर्ट सर्किट बना आग की वजह
प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है। हालांकि, जांच में यह भी सामने आया है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की गई थी, जिससे आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया।
सुरक्षा उपकरण फेल, स्मोक डिटेक्टर भी नहीं चला
घटना के समय फैक्ट्री में लगे स्मोक डिटेक्टर काम नहीं कर रहे थे। आग बुझाने के शुरुआती इंतजाम भी नाकाफी पाए गए। इससे यह साफ है कि सुरक्षा उपकरण या तो खराब थे या उनका रखरखाव सही ढंग से नहीं किया जा रहा था।
खतरनाक केमिकल का भंडारण बना बड़ा खतरा
फैक्ट्री में भारी मात्रा में ज्वलनशील लिक्विड केमिकल स्टोर किया गया था, जिसने आग को और भड़काने का काम किया। विशेषज्ञों का मानना है कि उचित स्टोरेज और सुरक्षा उपाय होते तो नुकसान कम हो सकता था।
प्रशासन की कार्रवाई, फैक्ट्री सील
हादसे के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री को सील कर दिया है। साथ ही निर्माण मानकों के उल्लंघन की भी जांच की जा रही है।
NOC पर उठे सवाल
इस घटना के बाद फायर विभाग और प्राधिकरण द्वारा दी गई एनओसी पर भी सवाल उठने लगे हैं। आखिर किन परिस्थितियों में फैक्ट्री को अनुमति दी गई, इसकी जांच अब तेज कर दी गई है।
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