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चित्रकूट में धार्मिक और ईको पर्यटन को नया आयाम, रानीपुर टाइगर रिजर्व और रामायण पार्क बनेंगे आकर्षण का केंद्र

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: मंगलवार 24 जून 2025

चित्रकूट। भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट अब न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र रह गई है, बल्कि अब यह प्राकृतिक पर्यटन के लिए भी तेजी से उभर रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रानीपुर टाइगर रिजर्व के विकास के साथ-साथ ईको-थीम पार्क और पर्यटन से जुड़ी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

चित्रकूट के मानिकपुर ब्लॉक के टिकरिया गांव में करीब 3.5 एकड़ भूमि पर पर्यटन परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। सरकार ने 24 करोड़ रुपये की दो प्रमुख योजनाएं मंजूर की हैं, जिससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

रानीपुर टाइगर रिजर्व: बाघों और वन्यजीव प्रेमियों का नया ठिकाना

2022 में स्थापित हुआ रानीपुर टाइगर रिजर्व, उत्तर प्रदेश का चौथा टाइगर रिजर्व है, जो अब पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है। 530 वर्ग किमी में फैला यह इलाका बाघों के साथ-साथ तेंदुआ, भालू, चीतल, नीलगाय जैसे कई वन्यजीवों का सुरक्षित आवास है।

यहां सफारी की सुविधा भी शुरू हो चुकी है, जिससे पर्यटक जंगल की वास्तविक सुंदरता और वन्यजीवों को नजदीक से देख सकते हैं।

ईको-थीम पार्क और सांस्कृतिक मनोरंजन

टाइगर रिजर्व से लगभग 5 किमी दूर प्रस्तावित ईको-थीम पार्क में वाटर हनी गार्डन, रोज गार्डन, नेचर ट्रेल और कुटुंब वन विकसित किए जाएंगे। इस परियोजना पर 11 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दूसरी योजना में 13 करोड़ रुपये की लागत से होटल, रिसॉर्ट, ट्रैवल हब और हस्तशिल्प बाजार विकसित होंगे।

यहां स्थानीय कारीगरों को प्राथमिकता देते हुए लोहे के औजार, बांस की टोकरियां और मिट्टी के बर्तन जैसी वस्तुओं की दुकानें दी जाएंगी। पर्यटक जंगल भ्रमण के बाद ओपन थिएटर में बुंदेलखंडी राई लोकनृत्य, पारंपरिक गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद ले सकेंगे।

मप्र सरकार का रामायण पार्क: आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा

चित्रकूट के विकास में मध्य प्रदेश सरकार भी पीछे नहीं है। एमपी सरकार 100 करोड़ रुपये की लागत से रजौला के पास 80 एकड़ क्षेत्र में रामायण थीम पार्क बना रही है। इसमें भगवान श्रीराम की 151 फीट ऊंची प्रतिमा, थ्रीडी और फाइव डी एनीमेशन, लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से रामायण के प्रसंगों को जीवंत किया जाएगा।

पार्क में आध्यात्मिक लाइब्रेरी, हर्बल गार्डन, गोशाला और ध्यान केंद्र भी बनेंगे, जो धार्मिक और मानसिक शांति की तलाश करने वालों के लिए आदर्श स्थान होगा।

पर्यटन से मिलेगा स्थानीय लोगों को रोजगार

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव के अनुसार, ईको-थीम पार्क के लिए शासन से धनराशि प्राप्त हो चुकी है और टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सरकार की मंशा है कि चित्रकूट को एक समग्र धार्मिक व प्राकृतिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए।

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